झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 4 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे थे। बुधवार को सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बात की। दोनों के बीच छात्रों की मांगों और आंदोलन को लेकर विस्तार से बात हुई। इस दौरान वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत पर भी चिंता जताई। उन्होंने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। सोनम वांगचुक की इस अपील के बाद देवेंद्र ने अनशन तोड़ दिया है।
देवेंद्र नाथ महतो
झारखंड विधानसभा का घेराव
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर जैसा आंदोलन हो रहा है। 7 से अधिक प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। ये प्रदर्शन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 12 दिन से जारी है। स्टूडेंड JPSC, JSSC-CGL समेत दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
बारिश के बीच प्रोटेस्ट
झारखंड में पीसफुल प्रोटेस्ट चल रहा है, JPSC पेपर लीक को लेकर। रांची में स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन यह प्रदर्शन जंतर मंतर से बिल्कुल अलग है यहां पर ना कोई पार्टी है ना किसी भी धर्म के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं ना कोई बिरयानी बांट रहा है और तो और ना ही कोई सरकार को गाली दे रहा है। बारिश के बीच बच्चे प्रोटेस्ट कर रहे हैं और झारखंड पुलिस खुद मदद कर रही है उनको टेंट प्रोवाइड कर रही है। ना लाठी चल रही है और ना ही आंसू गैस के गोले। यहां के स्टूडेंट ने प्रोटेस्ट का एक स्टैंडर्ड सेट कर दिया है।
प्रोटेस्ट के नियम
मंच पर एक कोड ऑफ कंडक्ट लगाया है।
- कोई राजनीतिक, धार्मिक बयान नहीं दिया जाएगा।
- सिर्फ आंदोलन के मुद्दों पर बात की जाएगी।
- यह लड़ाई पूरी व्यवस्था को लेकर है इसलिए उसके सुधार पर बात की जाएगी, किसी पार्टिकुलर आदमी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा।
- भाषा की मर्यादा राखी चाहिए।

क्यों हो रहा प्रदर्शन
2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था। इसमें 2,204 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच मेंस परीक्षा होनी थी। रिजल्ट आने के बाद कई उम्मीदवारों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए है। उनका कहना था कि कट-ऑफ जारी नहीं की गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक उम्मीदवार की कथित OMR शीट वायरल हुई थी। दावा किया गया कि उसने सिर्फ 48 सवाल हल किए, फिर भी वह मेंस के लिए चुना गया। वहीं, रिजल्ट पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने मेंस परीक्षा रद्द कर दी।