पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच को नई दिशा दे दी। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान इस सनसनीखेज हत्याकांड के तार एक प्रतिद्वंद्वी क्षेत्रीय राजनीतिक दल के नेता से जुड़ते दिखाई दिए हैं। इस खुलासे के बाद मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
चंद्रनाथ रथ
CBI अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर सोनकर और साहिब सोनकर के रूप में हुई है। दोनों पहले चंद्रनाथ रथ के साथ काम कर चुके थे। एजेंसी की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सागर सोनकर, रथ के साथ कार्यरत रहने के दौरान कथित तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी क्षेत्रीय राजनीतिक दल के कार्यालय से लैंडलाइन कॉल के माध्यम से संपर्क में था।
गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हुई
ताजा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इससे पहले CBI छह कथित शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा एजेंसी ने तीन कथित बिचौलियों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन तीनों ने सुपारी देकर हत्या की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल CBI हत्या के पीछे के मकसद और आरोपियों के राजनीतिक हलकों से संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही है।

मई 2026 में हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या
करीब पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की 6 मई 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उत्तर 24 परगना जिले के माइकलनगर स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हमला हुआ।
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु (बाएँ) और चन्द्रनाथ रथ (दाएं)
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, सुनसान पड़े जेसोर रोड पर हमलावरों ने पहले रथ की कार का पीछा किया और फिर मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके के पास वाहन को रोक लिया। बताया गया कि चार मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावरों ने बेहद नजदीक से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। अधिकारियों के अनुसार हमले के दौरान करीब 10 राउंड फायरिंग किए जाने की आशंका है। हमलावर हेलमेट पहने हुए थे और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे।
अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की भी जांच
CBI अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हत्या में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में ग्लॉक 47X पिस्तौल के इस्तेमाल की संभावना जताई गई है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि हमलावरों को रथ की गतिविधियों और वाहन में उनकी सटीक स्थिति की पहले से जानकारी थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। एजेंसी अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने, साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और मामले में संभावित राजनीतिक संबंधों की गहराई से जांच कर रही है।