अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की पुष्टि की है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों की ताजा लहर में ईरान की एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, कम्युनिकेशन साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ किसी समझौते की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है।
जॉर्डन और बहरीन में ईरानी हमले का दावा
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई का दावा किया गया है। ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की बात कही है।कुवैत में भी ईरानी ड्रोन हमलों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए जाने की खबर है। वहीं, जॉर्डन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया।हालांकि, ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर हमलों में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने खारिज किया है। रॉयटर्स से बातचीत में दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर कहा कि जॉर्डन में हुए हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
खुजस्तान में 7 लोगों की मौत का ईरानी दावा
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने दावा किया है कि खुजस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमलों में 7 लोगों की मौत हुई और 8 लोग घायल हुए हैं।ईरानी दावे के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने प्रांत में तीन जगहों को निशाना बनाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
शादी समारोह पर हमले का भी आरोप
ईरान ने अमेरिका पर सिरिक में एक शादी समारोह को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के मुताबिक, कुहस्तक इलाके में एक रिहायशी घर पर हमला हुआ, जहां एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था।ईरानी पक्ष का दावा है कि हमले में 50 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए। ईरान ने इसे गंभीर हमला बताते हुए जवाब देने की बात कही है।
रूस पर ईरान को मिसाइल तकनीक देने का आरोप
इसी बीच फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक विकसित करने में मदद कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह कथित कार्यक्रम 2023 से चल रहा है और इसका कोडनेम C430L बताया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में तकनीकी मदद दे रहा है। ईरान इस सिस्टम को तैयार कर चुका है और इसके फ्लाइट टेस्ट की भी बात सामने आई है।हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि रूस की मदद से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को ईरान ने तैनात कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव की बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में सी-माइंस यानी बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की।होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। खाड़ी देशों से दुनिया के कई हिस्सों तक तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इसलिए यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह सकता।जहाजों की आवाजाही बाधित होने या समुद्री रास्ता असुरक्षित होने की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा दबाव कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
रविवार से शुरू हुआ था नया सैन्य तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव की नई कड़ी 30 अगस्त से शुरू हुई। अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाने की बात कही थी।इसके बाद ईरान ने भी हमले में लोगों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया था, हालांकि उसने मृतकों या घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं की थी।अब ताजा अमेरिकी हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। आने वाले समय में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सैन्य टकराव होर्मुज स्ट्रेट और पूरे खाड़ी क्षेत्र में कितना फैलता है।