नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे सीएम डॉ. यादव, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

सीएम यादव का गेहूं उपार्जन निरीक्षण

नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे सीएम डॉ. यादव, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया और वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के आदेश दिए। इससे किसानों की सुविधा में वृद्धि होगी।

नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे सीएम डॉ यादव अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

भोपाल। 'मैं कहीं भी हेलीकॉप्टर उतार सकता हूं और गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकता हूं..।' कुछ दिनों पहले ये बात कहने वाले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 मई को उज्जैन की सेवा सहकारी संस्था दताना के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सुविधा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का भी फैसला किया। वेयरहाउस की क्षमता बढ़ने से गेहूं को बेमौसम बारिश से बचाया जा सकेगा। इससे पहले सीएम डॉ यादव शाजापुर और खरगोन में भी गेहूं उपार्जन का आकस्मिक दौरा कर चुके हैं। 

सरकार ने सुविधाएं भी बढ़ाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं यहां गेहूं उपार्जन केंद्र पर आया हूं। हमने पूर्व में घोषित किया है कि गेहूं खरीदी को लेकर पूरे प्रदेश में स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाई है। गेहूं उपार्जन लगातार चल रहा है। मुझे बताया गया है कि हर जगह हमारी खरीदी सहज और सामान्य हुई है, लेकिन फिर भी आकस्मिक दौरे लगाकर हमने किसानों के साथ अपनी भावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिल रही है कि अब नियमित अंतराल से सात दिन के अंदर भुगतान भी हो रहा है। इस बीच लोगों का माल ढुलाई का काम भी चल रहा है। ऐसी परिस्थिति में तौल कांटे भी बढ़वाए गए हैं। सरकार ने सुविधाएं भी बढ़ाई हैं। 

किसानों को मिलें सभी सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे बताया गया था कि वेयरहाउस के अंदर अगर क्षमता बढ़ा दें, तो बारिश के मौसम में काफी लाभ होगा। आज हमने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के ऑर्डर भी निकाल दिए हैं। किसानों को किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यह साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। हमारा प्रयास है कि किसानों को सब प्रकार की सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि अभी तक मेरी जानकारी में सरकार ने कल तक 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया है। हम अपनी कैपेसिटी और बढ़ा सकते हैं। मैं किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि अपने क्षेत्र के तौल कांटे पर जाकर प्रक्रिया में भागीदार बनें। इस दौरान कोई भी कष्ट होने पर जिला प्रशासन से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूप की स्थापना की है। हम गेहूं उपार्जन की रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गेहूं के साथ चना और मसूर की खरीदी भी चल रही है।

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