साबुन और डिटर्जेंट से त्वचा की सुरक्षा

साबुन-डिटर्जेंट से हाथों में होती है जलन? सफाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

साबुन और डिटर्जेंट के लंबे समय तक इस्तेमाल से त्वचा में रूखापन और जलन हो सकती है। उचित सावधानियां बरतकर इससे बचाव संभव है।

By : सोनिया रायकवार
साबुन-डिटर्जेंट से हाथों में होती है जलन? सफाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

घर की सफाई और रोजमर्रा के कामों में साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल आम है। बर्तन धोने से लेकर कपड़े साफ करने तक इनका इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से कुछ लोगों के हाथों की त्वचा रूखी, लाल या संवेदनशील हो सकती है। खुजली और जलन की समस्या भी हो सकती है, खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में।

साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने के बजाय कुछ सावधानियां अपनाकर त्वचा को इनके सीधे संपर्क से बचाया जा सकता है।

बर्तन धोने के बाद अच्छी तरह पानी से साफ करें

बर्तन धोने के बाद उन पर साबुन या डिशवॉश का अवशेष नहीं रहना चाहिए। बर्तनों को साफ पानी से अच्छी तरह खंगालें। जरूरत हो तो एक से अधिक बार पानी से धो सकते हैं। खाना पकाने और परोसने वाले बर्तनों को विशेष रूप से अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

हाथों को डिटर्जेंट के सीधे संपर्क से बचाएं

अगर बर्तन या कपड़े धोते समय हाथों में बार-बार जलन, खुजली या रूखापन होता है तो दस्ताने पहनना मददगार हो सकता है। इससे त्वचा और डिटर्जेंट के बीच सीधा संपर्क कम होता है। हालांकि, दस्तानों के अंदर लंबे समय तक नमी या पसीना जमा न होने दें। काम पूरा होने के बाद दस्ताने साफ करें और हाथों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं।

सफाई के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं

साबुन और डिटर्जेंट के लगातार इस्तेमाल से हाथों की त्वचा रूखी हो सकती है। सफाई का काम पूरा करने के बाद हाथों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं और मॉइस्चराइजर लगाएं। बहुत गर्म पानी से बार-बार हाथ धोने से भी रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है।

कपड़े धोते समय भी रखें सावधानी

कपड़ों में डिटर्जेंट का अवशेष रह जाने से कुछ लोगों की त्वचा में परेशानी हो सकती है। इसलिए कपड़े धोने के बाद उन्हें साफ पानी में अच्छी तरह खंगालें। वॉशिंग मशीन में जरूरत के अनुसार पर्याप्त रिंस साइकिल का इस्तेमाल करें। बच्चों के कपड़े धोते समय विशेष सावधानी रखें, क्योंकि उनकी त्वचा अधिक संवेदनशील हो सकती है। डिटर्जेंट की मात्रा हमेशा उत्पाद पर दिए निर्देश के अनुसार ही रखें।

सफाई के उत्पाद आपस में न मिलाएं

बेकिंग सोडा, नींबू या नमक जैसे घरेलू पदार्थों का इस्तेमाल कुछ सफाई के कामों में किया जाता है, लेकिन हर सतह के लिए ये उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। किसी भी घरेलू उपाय को इस्तेमाल करने से पहले संबंधित सतह के बारे में जानकारी लें। सबसे जरूरी बात यह है कि अलग-अलग सफाई उत्पादों को आपस में मिलाने से बचें। कुछ रसायनों को मिलाने पर हानिकारक गैस या खतरनाक रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है।

लगातार जलन हो तो डॉक्टर से सलाह लें

अगर हाथों में कभी-कभार हल्का रूखापन होता है तो त्वचा की देखभाल और डिटर्जेंट का संपर्क कम करने से राहत मिल सकती है। लेकिन लगातार खुजली, लालिमा, सूजन, जलन, त्वचा फटना या घाव जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में संबंधित उत्पाद का इस्तेमाल रोककर डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सफाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ त्वचा की सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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