बारिश में दही का सेवन

बारिश के मौसम में दही खाने से जुड़ी जरूरी जानकारी

बारिश के दौरान दही के सेवन को लेकर सावधानियां और उसके लाभों पर चर्चा। स्वास्थ्य स्थिति और सही तरीके से इसके सेवन का महत्व बताया गया है।

By : सोनिया रायकवार
बारिश के मौसम में दही खाने से जुड़ी जरूरी जानकारी

बारिश का मौसम आते ही खानपान को लेकर कई तरह की बाते सुनने को मिलती हैं। इन्हीं में से एक सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है कि क्या बारिश के मौसम में दही खाना चाहिए या नहीं? कई लोग मानते हैं कि दही की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसका सेवन करने से सर्दी, खांसी या गले में संक्रमण हो सकता है। वहीं कुछ लोग इसे पूरी तरह से अपनी डाइट से हटा देते हैं। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा करना जरूरी है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसका जवाब व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, दही खाने के तरीके और समय पर निर्भर करता है।

दही एक प्रोबायोटिक फूड 

इसमें अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं। ये बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। दही में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस, विटामिन-बी12 और कई अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए सामान्य तौर पर स्वस्थ व्यक्ति के लिए मानसून में भी ताजा दही का सीमित मात्रा में सेवन सुरक्षित माना जाता है।

फूड इंफेक्शन का खतरा

हालांकि, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में बासी या लंबे समय तक बाहर रखा हुआ दही खाने से फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा ताजा और सही तरीके से स्टोर किया गया दही ही खाएं। यदि दही का स्वाद या गंध बदली हुई लगे, तो उसका सेवन करने से बचना चाहिए।

सर्दी,खांसी से ग्रसित लोग 

जिन लोगों को पहले से सर्दी, गले में खराश, तेज खांसी या साइनस की समस्या है, उन्हें दही खाते समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि दही सीधे तौर पर सर्दी का कारण नहीं बनता, लेकिन कुछ लोगों में ठंडी चीजें गले की तकलीफ को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में रात के समय दही खाने से बचना और दिन के भोजन में सीमित मात्रा में इसका सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

हेल्थी तरीके से करें डाइट में शामिल

अगर आप मानसून में दही खाना चाहते हैं, तो इसे और भी हेल्दी तरीके से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। दही में भुना जीरा, काला नमक, काली मिर्च या पुदीना मिलाकर खाने से इसका स्वाद बढ़ता है और पाचन में भी मदद मिल सकती है। दही से बना रायता भी एक अच्छा विकल्प है, बशर्ते उसमें ताजी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाए और उसे बनाते ही खा लिया जाए।

कमजोर इम्युनिटी वाले रखें ध्यान

जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या जिन्हें बार-बार पेट संबंधी संक्रमण होता है, उन्हें भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाहर खुले में मिलने वाले दही या उससे बने खाद्य पदार्थों की बजाय घर का ताजा दही ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

विशेषज्ञ की यह सलाह 

देते हैं कि मानसून के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ देना समाधान नहीं है, बल्कि उसे सही मात्रा और सही समय पर खाना अधिक महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, बारिश के मौसम में दही खाना पूरी तरह से गलत नहीं है। यदि दही ताजा हो, स्वच्छ तरीके से तैयार किया गया हो और आपकी स्वास्थ्य स्थिति उसके अनुकूल हो, तो इसका सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। वहीं यदि आपको गले की गंभीर समस्या, बार-बार संक्रमण या कोई विशेष चिकित्सीय परेशानी है, तो दही को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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