करीला धाम में CM डॉ मोहन यादव होंगे शामिल,देंगे विकास कार्यों की सौगात

karila-dham-mela

करीला धाम में CM डॉ मोहन यादव होंगे शामिल,देंगे विकास कार्यों की सौगात

करीला धाम में cm डॉ मोहन यादव होंगे शामिलदेंगे विकास कार्यों की सौगात

 Karila Dham: अशोकनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध मां जानकी धाम करीला में रंग पंचमी के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक करीला मेला शुरू हो गया है। आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ रही है। प्रशासन के मुताबिक अगले 24 घंटों में लाखों श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन के लिए करीला धाम पहुंचेंगे। बता दें की मेले का शुभारंभ पारंपरिक रूप से झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ किया गया।

[caption id="attachment_139496" align="alignnone" width="1183"]करीला धाम में CM डॉ मोहन यादव होंगे शामिल करीला धाम में CM डॉ मोहन यादव होंगे शामिल[/caption]

रंग पंचमी के इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी करीला धाम पहुंचेंगे। वे माता जानकी के दर्शन कर मेला परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और सभा को संबोधित करेंगे। साथ ही क्षेत्र में कई विकास कार्यों की सौगात देते हुए दिखाई देंगे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के चलते विशेष व्यवस्था

इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में महिलाओं की भूमिका और क्षमता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा सके।

 Karila Dham: पौराणिक मान्यता से जुड़ा है करीला धाम

बता दें की करीला धाम को लेकर धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। मान्यता है कि जब भगवान राम ने माता सीता को वनवास भेजा था, तब वे महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में आकर ठहरी थीं। और इससे माना जाता है कि यही वह स्थान है जहां माता सीता ने अपने पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था।

साथ ही ये भी माना जाता है की लव-कुश के जन्म के समय स्वर्ग से अप्सराएं यहां उतरी थीं और उन्होंने खुशी में नृत्य किया था। इसी मान्यता के चलते यहां रंग पंचमी की रात को नृत्यांगनाओं द्वारा बधाई नृत्य करने की परंपरा चली आ रही है। आज भी सैकड़ों नृत्यांगनाएं पूरी रात राई नृत्य करती हैं। जहा हजारों की संख्या में लोग शामिल होते है। और एक दूसरे को गुलाल लगाते है।

[caption id="attachment_139497" align="alignnone" width="1184"]सैकड़ों नृत्यांगनाएं पूरी रात राई नृत्य करती हैं सैकड़ों नृत्यांगनाएं पूरी रात राई नृत्य करती हैं[/caption]

200 साल पुराना है करीला धाम

कहा जाता है की यह करीला धाम लगभग 200 साल पुराना है। और महंत तपसी महाराज को स्वप्न में संकेत मिला था कि करीला गांव की पहाड़ी पर स्थित वाल्मीकि आश्रम में माता जानकी और लव-कुश कुछ समय तक रहे थे।

 Karila Dham: स्वप्न के बाद तपसी महाराज ने इस स्थान की खोज की और उन्हें वही आश्रम मिला जैसा उन्होंने स्वप्न में देखा था। इसके बाद उन्होंने वहां रहकर पूजा-अर्चना शुरू की और आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से यह स्थान धीरे-धीरे एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया।

संबंधित सामग्री

अमित शाह से मुलाकात में CM सुक्खू ने साधा हिमाचल का हित, किशाऊ बांध परियोजना पर टूटा 8 साल पुराना गतिरोध

राज्य

अमित शाह से मुलाकात में CM सुक्खू ने साधा हिमाचल का हित, किशाऊ बांध परियोजना पर टूटा 8 साल पुराना गतिरोध

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की बैठक से किशाऊ बांध परियोजना के वित्तीय गतिरोध समाप्त हुए और इससे हिमाचल को बड़ी वित्तीय राहत मिली।

राज्यसभा चुनाव: झारखंड में सियासत गरमाई, NDA की ‘किलेबंदी’ पर महुआ माझी ने दिया बड़ा बयान

राज्य

राज्यसभा चुनाव: झारखंड में सियासत गरमाई, NDA की ‘किलेबंदी’ पर महुआ माझी ने दिया बड़ा बयान

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के पूर्व NDA ने विधायकों को होटल में शिफ्ट किया, जिसे राजनीतिक आशंकाओं और असुरक्षा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

PWD मंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार की आशंका : निर्माणाधीन स्लैब भरभराकर गिरा, वीडियो वायरल, जांच की उठी मांग

राज्य

PWD मंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार की आशंका : निर्माणाधीन स्लैब भरभराकर गिरा, वीडियो वायरल, जांच की उठी मांग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक PWD परियोजना के निर्माणाधीन स्लैब के ढहने की घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

राजस्थान के लिए खुशखबरी, बाड़मेर में खनिजों का खजाना खुलेगा, 8 जिलों में नई फोर्स का ऐलान

राज्य

राजस्थान के लिए खुशखबरी, बाड़मेर में खनिजों का खजाना खुलेगा, 8 जिलों में नई फोर्स का ऐलान

राजस्थान सरकार ने विकास, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जिनसे खनन क्षेत्र और नागरिक सुरक्षा कोर में बड़े बदलाव आएंगे।

बदायूं में ट्रैक्टरों की रेस बनी मौत की दौड़, ई-रिक्शा को कुचलने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत!

राज्य

बदायूं में ट्रैक्टरों की रेस बनी मौत की दौड़, ई-रिक्शा को कुचलने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत!

उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया।