झारखण्ड सीएम सोरेन अब खुद रखेंगे सरकारी योजनाओं पर सीधी नजर

झारखंड में डिजिटल कदम

झारखण्ड सीएम सोरेन अब खुद रखेंगे सरकारी योजनाओं पर सीधी नजर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लांच किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन अब खुद रखेंगे सरकारी योजनाओं पर सीधी नजर

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झारखंड में सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रहे हैं। रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, अब योजनाओं की प्रगति की जानकारी उन्हें सीधे रियल टाइम में मिलेगी, जिससे जमीनी स्तर तक काम की सटीक निगरानी संभव हो सकेगी।

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा आधार

राज्य मुख्यालय रांची में एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए ‘सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ संचालित होगा, जो योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का मुख्य जरिया बनेगा।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के निर्देश पर JAP-IT ने इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे ‘सीएम डैशबोर्ड-2’ योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।

झारखण्ड सीएम सोरेन

रियल टाइम डेटा से मिलेगी सटीक जानकारी

अब तक योजनाओं की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को समीक्षा बैठकों के जरिए दी जाती थी, लेकिन नए प्लेटफॉर्म के लागू होने के बाद उन्हें हर योजना की स्थिति सीधे और रियल टाइम में उपलब्ध होगी। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि विभिन्न विकास सूचकांकों में सुधार की स्थिति का भी आकलन किया जा सकेगा।

भ्रामक जानकारी पर लगेगा अंकुश

इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अधिकारियों द्वारा दी जाने वाली भ्रामक या अधूरी जानकारी पर रोक लगेगी। साथ ही, आम जनता की शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर भी मुख्यमंत्री सीधे नजर रख सकेंगे।

खास बात यह है कि सीएम अपने कार्यालय के साथ-साथ आवासीय कार्यालय से भी योजनाओं की निगरानी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री सोरेन ने जिला और प्रखंड स्तर के कर्मचारियों से सीधे संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि यह कड़ी कमजोर होने पर गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों, सहिया (आशा), जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को टैब उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे सीधे सिस्टम से जुड़ सकें।

पंचायत स्तर तक होगी सख्त निगरानी

हाल ही में पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत बड़ी राशि आवंटित की गई है। इन फंड्स से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया जाना है।

इन कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। योजना लागू होने पर पंचायत प्रतिनिधियों को भी टैब उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

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