जब करियर को लेकर सब गड़बड़ लगने लगे: तब ये करके बदलें ज़िंदगी

how-to-deal-with-career-confusion-hindi-guide

जब करियर को लेकर सब गड़बड़ लगने लगे: तब ये करके बदलें ज़िंदगी

 जब करियर को लेकर सब गड़बड़ लगने लगे तब ये करके बदलें ज़िंदगी

 जब करियर की धुंध कुछ ज़्यादा ही गहरी हो गई थी…

सच कहूं, उस साल का हर दिन मुझे बोझ जैसा लगता था। सब पूछते थे, “अब क्या कर रहे हो?” और मेरे पास कोई जवाब नहीं होता। मैं मुस्कुरा देता था, लेकिन अंदर ही अंदर एक अजीब सी बेचैनी थी। कभी इंजीनियरिंग सोचता, तो कभी UPSC का सपना देखता और फिर सोचता, "क्या मैं वाकई इन चीज़ों के लिए बना हूं?"  Career Confusion Hindi Guide Real Life Experience ये लेख कोई गाइड नहीं है, बस मेरी एक कहानी है। शायद इसमें तुम्हें अपना कोई टुकड़ा दिख जाए।

क्यों कुछ भी सही नहीं लग रहा था?

मैंने 12वीं अच्छे नंबरों से पास की थी। सबको लगा था मैं कुछ बड़ा करूंगा। लेकिन अंदर से मुझे खुद ही नहीं पता था कि मैं क्या करना चाहता हूं। कभी-कभी लगता था कि शायद मैं ही गड़बड़ हूं। सबके पास कोई ना कोई प्लान था, मेरे पास बस सवाल थे। एक बार तो सोचा कि कुछ भी पकड़ लो, बस लोग चुप हो जाएं। लेकिन क्या ज़िंदगी सिर्फ दूसरों की वाहवाही के लिए जीनी चाहिए?

एक चायवाले से सीखी सबसे बड़ी बात

एक दिन पास के टी-स्टॉल पर बैठा था। मन बिल्कुल खाली था। तभी चायवाले भैया बोले, “बॉस, रास्ता ढूंढने के लिए कभी-कभी भटकना भी जरूरी होता है। सही रास्ता दिखेगा तभी जब तू खुद को समझेगा।” उसकी बात ने झकझोर दिया। वो कोई मोटिवेशनल स्पीकर नहीं था, लेकिन उस दिन उसने मुझसे ज़्यादा समझदारी की बात की।

फैसला लिया और खुद को थोड़ा वक़्त दिया

मैंने तय किया कि अब कुछ महीनों तक सिर्फ खुद को जानने की कोशिश करूंगा। छोटे-छोटे इंटर्नशिप किए, कभी NGO में वॉलंटियर बना, कभी ग्राफिक डिज़ाइन सीखने बैठ गया।  Career Confusion Hindi Guide Real Life Experience धीरे-धीरे समझ आया कि मुझे लिखना, लोगों से बातें करना, और कहानियां सुनाना पसंद है। वो चीज़ें जो कभी मेरे लिए ‘साइड एक्टिविटी’ थीं, वही असल में मेरी ताकत थीं।

अब भी सब क्लियर नहीं है पर अब डर नहीं लगता

सच ये है कि आज भी मेरे पास सब कुछ साफ़-साफ़ नहीं है। पर अब डर नहीं लगता। अब लगता है कि ज़िंदगी एक सफर है जिसमें भटकना भी एक हिस्सा है। अब जब कोई पूछता है, “क्या कर रहे हो?” तो मैं कहता हूं “खुद को ढूंढ रहा हूं, और हर दिन थोड़ा पास आ रहा हूं।”

 सबको जवाब नहीं चाहिए, कभी-कभी एक कहानी काफी होती है

अगर तुम भी उस दौर से गुजर रहे हो, तो खुद पर सवाल करना मत छोड़ना पर खुद से नफ़रत मत करना। करियर सिर्फ एक नौकरी नहीं होता, वो तुम्हारा रास्ता होता है। और रास्ते कभी सीधे नहीं होते। Read More:- ट्रम्प का टैरिफ अल्टीमेटम: भारत पर 20–25% टैक्स का खतरा Watch Now :- Bhopal शारिक मछली के फार्म हाउस से मिले कई सबूत!

संबंधित सामग्री

जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित; सभी मरीज मेडिकल कॉलेज शिफ्ट

राज्य

जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित; सभी मरीज मेडिकल कॉलेज शिफ्ट

जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल का लाइसेंस डॉक्टर अमित खरे की गिरफ्तारी के बाद निलंबित किया गया, जिन पर 8 लोगों की हत्या के आरोप हैं।

शोले के ‘गब्बर’ की पुण्यतिथि आज: अमजद खान ने बदल दी थी बॉलीवुड के विलेन की पहचान, आवाज सुनकर आज भी कांप उठते हैं लोग

मनोरंजन

शोले के ‘गब्बर’ की पुण्यतिथि आज: अमजद खान ने बदल दी थी बॉलीवुड के विलेन की पहचान, आवाज सुनकर आज भी कांप उठते हैं लोग

अमजद खान के निधन की 31वीं पुण्यतिथि पर, उनके अविस्मरणीय किरदार गब्बर सिंह को याद किया जा रहा है, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में विलेन की परिभाषा बदल दी।

चलती ट्रेन से उतरना पड़ा भारी, शहडोल स्टेशन पर महिला का पैर कटा; बचाने पहुंची महिला पुलिसकर्मी

राज्य

चलती ट्रेन से उतरना पड़ा भारी, शहडोल स्टेशन पर महिला का पैर कटा; बचाने पहुंची महिला पुलिसकर्मी

शहडोल रेलवे स्टेशन पर एक महिला चलती ट्रेन से उतरते समय गिर गई, जिससे उसका एक पैर कट गया और उसे गंभीर चोटें आईं।

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, NDA सांसदों ने पहनाई पाग; इस्तीफे के बाद BJP ने दिया बड़ा संदेश

देश-विदेश

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, NDA सांसदों ने पहनाई पाग; इस्तीफे के बाद BJP ने दिया बड़ा संदेश

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत हुआ, जिसे BJP की ओर से राजनीतिक समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।

ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हवलदार की मौत, ड्यूटी के बाद बिगड़ी थी तबीयत

राज्य

ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हवलदार की मौत, ड्यूटी के बाद बिगड़ी थी तबीयत

ग्वालियर के एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हवलदार नरेश कुमार की मौत हो गई। उनका इलाज मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार में चल रहा था। पुलिस ने जांच शुरू की है।