Haryana news: हरियाणा के महम में 5 अप्रैल को आयोजित विकास रैली के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भाषण में माइक बंद होने की घटना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में विभागीय जांच के बाद रोहतक के जिला जनसंपर्क एवं सूचना अधिकारी (DIPRO) संजीव सैनी को तत्काल प्रभाव से बुधवार रात को सस्पेंड कर दिया गया है।
हालांकि, सस्पेंशन के आधिकारिक पत्र में स्पष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार माइक की तकनीकी गड़बड़ी ही इस कार्रवाई की मुख्य वजह मानी जा रही है।
भाषण के दौरान माइक हुआ था बंद

महम रैली में मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए अलग से माइक और डायस की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के दौरान जब सीएम सैनी भाषण देने पहुंचे, तो अचानक माइक ने काम करना बंद कर दिया। इससे पीछे बैठे श्रोताओं तक आवाज नहीं पहुंच पाई और हंगामे जैसी स्थिति बन गई। अंततः मुख्यमंत्री सैनी को दूसरे डायस पर जाकर संबोधन देना पड़ा।
तकनीकी खामी या प्रशासनिक चूक?
DIPRO संजीव सैनी ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि रैली शुरू होने से पहले माइक और साउंड सिस्टम की पूरी तरह जांच की गई थी और सब कुछ सही पाया गया था। उनके अनुसार, भाषण के दौरान अचानक तकनीकी फॉल्ट आ जाने से यह समस्या उत्पन्न हुई। उल्लेखनीय है कि साउंड सिस्टम लोकसंपर्क विभाग का नहीं था, बल्कि रोहतक डीसी द्वारा निजी एजेंसी को ठेका देकर लगाया गया था।

अधिकारियों में नाराजगी, किया विरोध शुरू
सस्पेंशन की कार्रवाई के बाद राज्य के कई जिलों के DIPRO अधिकारियों में नाराजगी देखने को मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कई अधिकारियों ने विरोध स्वरूप आधे दिन की छुट्टी ले ली। बताया जा रहा है कि एक व्हाट्सएप कॉल के जरिए अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया।
पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई
संजीव सैनी, जिनकी सेवा अवधि में करीब सवा साल शेष है, पर यह पहली बार कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट कारण के की गई यह कार्रवाई उनके लिए हैरान करने वाली है।
