Haryana news: हरियाणा की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार अब हाईटेक समाधान की ओर बढ़ रही है। शहर में पॉड टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमेरिका और जापान के प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की, जिसमें आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
इस प्रतिनिधिमंडल में सुजुकी जापान और ग्लेडवेज जैसी कंपनियों के अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने गुरुग्राम में स्मार्ट मोबिलिटी के विकल्पों पर अपने सुझाव दिए।

2-3 संभावित रूट्स पर की चर्चा, ट्रैफिक कंट्रोल पर फोकस
बैठक के दौरान गुरुग्राम के अनियंत्रित ट्रैफिक को लेकर गंभीर मंथन हुआ। अधिकारियों और विदेशी कंपनियों के विशेषज्ञों ने पॉड टैक्सी के लिए 2 से 3 संभावित रूट्स पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी और किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम को अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में देश का मॉडल शहर बनाया जाएगा।
क्या है पॉड टैक्सी सिस्टम?
पॉड टैक्सी, जिसे पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) या ऑटोमेटेड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम भी कहा जाता है, एक अत्याधुनिक परिवहन तकनीक है। इसमें छोटी, ड्राइवरलेस गाड़ियां होती हैं जो कम दूरी के लिए डिजाइन की जाती हैं।
ये पॉड पूर्व निर्धारित पटरियों पर चलती हैं और यात्रियों को बिना रुके सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। आमतौर पर ये जमीन से 5 से 10 मीटर ऊपर एलिवेटेड ट्रैक पर संचालित होती हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित नहीं होता।
गुरुग्राम में क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
तेजी से विकसित हो रहे गुरुग्राम में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर व्यावसायिक इलाकों में। नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और बढ़ती आबादी के चलते आने वाले समय में यातायात और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ऐसे में पॉड टैक्सी सिस्टम को एक प्रभावी समाधान के रूप में देखा जा रहा है। तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन में भी इसे उच्च घनत्व और सीमित सड़क स्थान वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त पाया गया है।
भीड़भाड़ कम होगी, यात्रा होगी आसान
इस सिस्टम के लागू होने से छोटी दूरी के लिए ऑटो, टैक्सी और बसों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा का समय भी घटेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि भविष्य की स्मार्ट सिटी अवधारणा के अनुरूप भी है। गुरुग्राम में पॉड टैक्सी की शुरुआत शहर को स्मार्ट और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो यह देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
