Jharkhand news: झारखंड में ट्रेजरी अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जांच में तेजी, कई लोग किये गए चिन्हित

मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रेजरी से जुड़ी अनियमितताओं की जांच जिला स्तर पर कराई जा रही है। अब तक कई लोगों की पहचान हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य को चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने दो टूक कहा, “जिसने भी गलत किया है, वह किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएगा।”
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी
बिहार में हालिया सत्ता परिवर्तन को लेकर सोरेन ने कहा कि सरकार बनाना संख्या का खेल जरूर है, लेकिन जिस तरह से हाल के वर्षों में महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक सत्ता का हस्तांतरण हुआ है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने इसे “अचरज वाली स्थिति” बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़े करती हैं।
असम चुनाव पर दी संयमित प्रतिक्रिया
असम विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा, यह तो परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा। साथ ही उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि “दिल्ली की एजेंसियां” ही इस पर पहले से कुछ बता सकती हैं।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर केंद्र को घेरा
महिला आरक्षण बिल को लेकर सोरेन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसे परिसीमन से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा एक नीतिगत निर्णय है, जबकि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना एक अलग विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अभी से कैसे तय कर सकती है कि लोकसभा की सीटें 850 ही होंगी। “यह 840 या 860 भी हो सकती हैं। दोनों विषयों को अलग-अलग मसौदों में लाना चाहिए,” उन्होंने कहा।
