gangster network: पंजाब सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि अब पुलिस के पास गैंगस्टरों पर वार ऑपरेशन के माध्यम से अपराधियों को तेजी से ट्रैक करने के लिए व्यापक डेटा मौजूद है. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई ने तेज रफ्तार पकड़ ली है. भगवंत मान सरकार द्वारा पूरे राज्य स्तर पर चलाए जा रहे मुख्य एंटी-गैंगस्टर अभियान गैंगस्टरां ते वार के तीन महीने पूरे हो चुके हैं.

gangster network: स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा
यह अभियान मुख्यमंत्री की निगरानी में और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पंजाब पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है. यह ऑपरेशन ठोस कार्रवाई का एक मॉडल बनकर उभरा है, जो भारत के अंदर और विदेशों से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क को निशाना बनाते हुए पंजाब को अपराध-मुक्त बनाने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है.
gangster network: 15,162 वांछित मुलजिम शामिल
20 जनवरी को शुरू किए गए इस अभियान का मकसद सिर्फ गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क, फंडिंग और संचार सिस्टम को भी खत्म करना है. इसके अलावा 16,439 लोगों की जांच करके उन्हें रिहा किया गया, जिनमें 1,277 साथी और 15,162 वांछित मुलजिम शामिल थे.
गैंगस्टर ही नहीं, उनके संरक्षक भी निशाने पर
उन्होंने आगे कहा, तीन महीनों में इस अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है. अब सिर्फ गैंगस्टर ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षक भी कार्रवाई से डर रहे हैं.
नशों के खिलाफ चल रहे अभियान से प्रेरणा लेते हुए पंजाब सरकार ने इस मुहिम को संगठित अपराध पर एक व्यापक प्रहार के रूप में तैयार किया है. इस ऑपरेशन में अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है.
पंजाब में गैंगस्टर कल्चर के लिए जगह नहीं-मान
पिछले तीन महीनों में 19 अप्रैल तक पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में 62,302 छापे मारे, जिनमें 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इस ऑपरेशन ने कई मामलों को सुलझाने में मदद की है और अन्य राज्यों में अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की है.
