Punjab news: पंजाब में धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम सोमवार को उठाया गया है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए लाया गया सख्त विधेयक अब कानून बन चुका है। राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह फैसला पवित्र ग्रंथ की मर्यादा की रक्षा के लिए बेहद आवश्यक था।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून पर लगी मुहर
पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब विधानसभा में पारित यह बिल राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक रूप से कानून बन गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा, “अब यह बिल कानून बन गया है। मैं वाहेगुरु का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने इस सेवक को ऐसी सेवा का अवसर दिया। पूरी संगत का दिल से धन्यवाद।”
Punjab news: मंत्रियों ने कानून लागू होने को ऐतिहासिक पल दिया करार

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने इसे राज्य के लिए “शुभ और ऐतिहासिक क्षण” करार दिया। वहीं, मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि यह दिन पंजाब के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ मजबूत रोकथाम साबित होगा, जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाने के लिए बेअदबी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
विधायकों ने CM को दिया श्रेय
विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने इस पहल का श्रेय मुख्यमंत्री मान को देते हुए कहा कि यह बिल बिना किसी विरोध के विधानसभा में पारित हुआ था। उन्होंने विश्वास जताया कि कानून के कड़े प्रावधान भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने में प्रभावी साबित होंगे, क्योंकि दोषी अब ऐसा करने से पहले कई बार सोचेंगे।
धार्मिक सम्मान की दिशा में बड़ा बदलाव
आम आदमी पार्टी (आप) के महासचिव और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि यह कानून धार्मिक भावनाओं की रक्षा और गुरु साहिबान की गरिमा बनाए रखने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
