RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा, GDP ग्रोथ अनुमान घटाया

RBI ने रेपो रेट बरकरार रखा

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा, GDP ग्रोथ अनुमान घटाया

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया, जिससे EMI में वृद्धि नहीं होगी। GDP ग्रोथ अनुमान घटाया गया है।

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लगातार दूसरी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने नए वित्त वर्ष की दूसरी समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।इस निर्णय का सीधा लाभ होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन लेने वाले ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि उनकी EMI में तत्काल कोई वृद्धि नहीं होगी।

2025 में चार बार कट चुकी हैं ब्याज दरें

RBI ने वर्ष 2025 के दौरान चार चरणों में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की थी। आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कमी कर इसे 5.25 प्रतिशत पर लाया गया था। इसके बाद अप्रैल और जून 2026 की बैठकों में दरों को स्थिर रखा गया है।

GDP ग्रोथ अनुमान घटाकर 6.6% किया

RBI ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर (GDP Growth) का अनुमान घटा दिया है।

अवधि पहले अनुमान नया अनुमान
Q1 FY27 6.9% 6.6%
Q2 FY27 6.7% 6.3%
Q3 FY27 7.0% 6.5%
Q4 FY27 7.2% 6.8%

केंद्रीय बैंक के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के कारण विकास दर के अनुमान में कटौती की गई है।

महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता

RBI ने महंगाई के जोखिमों को लेकर भी सतर्क रुख अपनाया है। अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में खुदरा महंगाई दर बढ़ सकती है।

अवधि पहले अनुमान नया अनुमान
Q1 FY27 4.0% 4.2%
Q2 FY27 4.2% 5.1%
Q3 FY27 4.2% 5.9%
Q4 FY27 4.7% 5.4%

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक तनाव के कारण ईंधन और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि भविष्य में महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती है।

कमजोर मानसून पर भी नजर

RBI ने मानसून को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार की फसल विविधीकरण और कृषि सुधार योजनाओं से इसके प्रभाव को कुछ हद तक नियंत्रित किए जाने की उम्मीद जताई गई है।

रेपो रेट का आम आदमी पर क्या असर?

रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराता है।

  • रेपो रेट घटने पर बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है।
  • बैंक अक्सर इसका लाभ ग्राहकों को कम ब्याज दरों के रूप में देते हैं।
  • इससे होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन सस्ते हो सकते हैं।
  • रेपो रेट बढ़ने पर लोन महंगे और EMI अधिक हो जाती है।

इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से मौजूदा लोनधारकों को राहत मिली है और EMI में वृद्धि की आशंका फिलहाल टल गई है।

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