भारत के डिजिटल भुगतान की तस्वीर बदलने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपने सफर के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPI की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए इसके करोड़ों उपयोगकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में UPI ने देश में डिजिटल पेमेंट को नई रफ्तार दी है।
1.78 करोड़ से 24 हजार करोड़ से ज्यादा लेन-देन का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में लॉन्च हुए UPI ने एक दशक के भीतर डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार किया है। शुरुआत में जहां इसके जरिए करीब 1.78 करोड़ लेन-देन हुए थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 24 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार की तस्वीर भी पेश करता है।
छोटे दुकानदारों से वैश्विक बाजार तक पहुंच

डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में UPI महज डिजिटल भुगतान का माध्यम नहीं रह गया है। छोटे दुकानदारों, कारोबारियों और आम लोगों से लेकर वैश्विक बाजार तक यह सुरक्षित और आसान डिजिटल भुगतान का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि UPI ने भुगतान प्रक्रिया को तेज, सुविधाजनक और अधिक पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोबाइल फोन के जरिए कुछ ही क्षणों में भुगतान की सुविधा ने देश में लेन-देन के तौर-तरीकों को काफी हद तक बदल दिया है।
डिजिटल भारत की दिशा में अहम उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने UPI को भारत की दूरदर्शी डिजिटल पहल बताते हुए कहा कि पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से देश को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि UPI की सफलता भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल नवाचार की ताकत को भी दर्शाती है। एक दशक में करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका UPI अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहचान बन गया है।