आपकी दीवाली अब होगी सस्तीः सीमेंट से मिठाई तक 10% सस्ती
मोदी सरकार का बड़ा फैसला अब जीएसटी सिर्फ टैक्स नहीं, राहत का नाम
कभी सोचा है कि जिस फ्रिज को खरीदने के लिए आपने महीनों EMI चुकाई, वही अब 4 हज़ार रुपए तक सस्ता हो सकता है? या 80,000 की टीवी अब 8,000 रुपए कम में मिल सकती है? हां, ये अब सच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के मौके पर जब लाल किले से “GST 2.0” की घोषणा की, तो ये सिर्फ टैक्स स्ट्रक्चर का बदलाव नहीं था – ये देश के आम आदमी को दिया गया सबसे बड़ा दिवाली गिफ्ट था।
GST में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ दो स्लैब 5% और 18%
अभी तक जीएसटी के चार स्लैब थे – 5%, 12%, 18%, और 28%। लेकिन अब सरकार सिर्फ दो स्लैब रखेगी – 5% और 18%। इस बदलाव का मतलब? 12% टैक्स वाले ज्यादातर दैनिक सामान अब 5% पर आ जाएंगे 28% टैक्स वाले 90% महंगे सामान अब 18% के स्लैब में होंगे
इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
सस्ते होंगे ये सामान (और कितने रुपए बचेंगे):
| सामान |
पहले कीमत (लगभग) |
अब की कीमत (लगभग) |
बचत |
| सीमेंट की बोरी |
₹350 |
₹322 |
₹28 |
| फ्रिज |
₹40,000 |
₹36,000 |
₹4,000 |
| टीवी |
₹80,000 |
₹72,000 |
₹8,000 |
| मिठाई (₹1000/kg) |
₹1000 |
₹930 |
₹70 |
इन जरूरी चीज़ों पर टैक्स अब सिर्फ 5% होगा
(यानी 7% तक की सीधी राहत)
- ब्रांडेड नमकीन, ड्राय फ्रूट्स
- टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल
- पेनकिलर और सामान्य एंटीबायोटिक दवाएं
- प्रोसेस्ड फूड, फ्रोजन सब्जियां
- मोबाइल के कुछ मॉडल, सिलाई मशीन, प्रेशर कुकर
- बिना बिजली के वॉटर फिल्टर, इलेक्ट्रिक आयरन
- रेडीमेड कपड़े (>₹1000), जूते (₹500-₹1000)
- वैक्सीन, TB/एचआईवी डायग्नोस्टिक किट
- बर्तन, साइकिल, ज्योमेट्री बॉक्स
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन, कृषि मशीनरी
सरल टैक्स, सस्ते सामान – आम आदमी को सीधा फायदा
सरकार का लक्ष्य साफ है – टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाना, रजिस्ट्रेशन और रिफंड की प्रक्रिया आसान करना और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की उलझन को खत्म करना। यानि व्यापारी भी कम परेशान होंगे, ग्राहक भी कम भुगतान करेगा।
2047 तक एक देश, एक टैक्स स्लैब का सपना
वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2047 तक भारत में एक समान टैक्स स्लैब होगा। GST 2.0 उसी दिशा में पहला बड़ा कदम है। ये सिर्फ आर्थिक सुधार नहीं, ये भारत को स्मार्ट टैक्सेशन की ओर ले जाने वाला विजन है।
अमेरिका के टैरिफ का जवाब अपने देश के उपभोक्ता को सशक्त करो
जहां एक ओर अमेरिका जैसे देश भारत पर टैरिफ बढ़ा रहे हैं, वहीं भारत सरकार अपने नागरिकों को राहत देकर जवाब दे रही है।
ये सोच उस आत्मनिर्भर भारत की है, जहां विकास की असली धारा नीचे से ऊपर जाती है – यानि आम आदमी से।
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