हॉलीवुड के पूर्व फिल्म निर्माता हार्वी वीनस्टीन को न्यूयॉर्क की अदालत ने 2006 में मिरियम हेली से जुड़े यौन अपराध के मामले में 15 साल जेल की सजा सुनाई है। यह सजा 2025 में हुए दोबारा ट्रायल में वीनस्टीन की दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई। वीनस्टीन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपनी बेगुनाही दोहराई है।
मिरियम हेली मामले में दोषी
मिरियम हेली ने 2025 के दोबारा ट्रायल में गवाही दी थी। वह वीनस्टीन द्वारा प्रोड्यूस किए गए रियलिटी शो ‘प्रोजेक्ट रनवे’ की प्रोडक्शन टीम से जुड़ी थीं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 2006 में मैनहटन स्थित वीनस्टीन के अपार्टमेंट में उनके साथ यौन अपराध हुआ था। 2025 के ट्रायल में जूरी ने वीनस्टीन को हेली से जुड़े आरोप में दोषी ठहराया।
2020 की सजा हुई थी रद्द
वीनस्टीन को 2020 में न्यूयॉर्क में यौन अपराध और जेसिका मान से रेप के मामले में दोषी ठहराते हुए 23 साल की सजा दी गई थी। हालांकि, 2024 में न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत ने उस दोषसिद्धि को रद्द कर दिया और दोबारा ट्रायल का आदेश दिया। अदालत ने माना था कि मूल ट्रायल में ऐसी गवाही शामिल की गई थी, जो सीधे आरोपों से संबंधित नहीं थी।
दोबारा ट्रायल में क्या हुआ
2025 के दोबारा ट्रायल में वीनस्टीन को मिरियम हेली से जुड़े आरोप में दोषी ठहराया गया, जबकि काजा सोकोला से जुड़े आरोप में उन्हें बरी कर दिया गया। जेसिका मान से जुड़े रेप के आरोप पर जूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बाद में उस मामले में अभियोजन पक्ष ने आगे की कार्रवाई नहीं की।
अदालत में वीनस्टीन ने क्या कहा
सजा सुनाए जाने से पहले वीनस्टीन ने अदालत में अपनी बात रखी। उन्होंने अपने पिछले व्यवहार पर पछतावा जताते हुए माफी मांगी, लेकिन साथ ही अपनी बेगुनाही दोहराई। उनके वकीलों ने सजा के खिलाफ अपील करने की बात कही है।
#MeToo आंदोलन से जुड़ा मामला
2017 में वीनस्टीन के खिलाफ कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न और यौन शोषण के आरोप सार्वजनिक हुए थे। इन खुलासों के बाद #MeToo आंदोलन को दुनियाभर में व्यापक गति मिली। हालांकि, #MeToo की शुरुआत 2006 में एक्टिविस्ट तराना बर्क के अभियान से हुई थी और 2017 में सोशल मीडिया पर यह वैश्विक स्तर पर तेजी से चर्चित हुआ।
कैलिफोर्निया में भी मिली सजा
वीनस्टीन को कैलिफोर्निया में भी रेप और यौन हमले के मामले में दोषी ठहराया गया था और 16 साल की सजा सुनाई गई थी। जून 2026 में कैलिफोर्निया की अपीलीय अदालत ने उनकी दोषसिद्धि बरकरार रखी, हालांकि सजा पर दोबारा सुनवाई का आदेश दिया गया।
भारत में भी उठा #MeToo मुद्दा
2018 में भारत में #MeToo आंदोलन के दौरान मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों पर महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए। तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर लगाए आरोपों के बाद भारत में यह मुद्दा बड़े स्तर पर चर्चा में आया। नाना पाटेकर ने आरोपों से इनकार किया था।
इसी दौरान साजिद खान, अनु मलिक, आलोक नाथ, विकास बहल, सुभाष घई और रजत कपूर समेत कई लोगों पर अलग-अलग महिलाओं ने आरोप लगाए। इन मामलों में संबंधित लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रही हैं और कुछ मामलों में आरोपों से इनकार किया गया, जबकि कुछ मामलों में संस्थागत या कानूनी कार्रवाई भी हुई।
हार्वी वीनस्टीन मामले में न्यूयॉर्क की 15 साल की सजा एक लंबे कानूनी घटनाक्रम के बाद आई है। 2020 की दोषसिद्धि रद्द होने के बाद हुए दोबारा ट्रायल में मिरियम हेली से जुड़े आरोप पर उनकी दोषसिद्धि हुई थी।