CM Yogi Adityanath: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल 2026 पास नहीं हो सका. इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत के महान लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया. विपक्ष की ओर से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Nari Shakti Vandan Act) के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को पारित न होने देना ‘भारत माता’ के सम्मान पर आघात है.

CM Yogi Adityanath: NDA गठबंधन के प्रयास निरंतर जारी
देश की नारी शक्ति सब देख और समझ रही है. वह इस छल और अन्याय को याद रखेगी और समय आने पर इसका उत्तर भी देगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए NDA गठबंधन के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे.
CM Yogi Adityanath: अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में पेश किया
बता दें कि लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल यानि महिला आरक्षण संशोधन बिल 2026 (Women’s Reservation Amendment Bill 2026) गिर गया.जहां बिल के पक्ष में मात्र 298 वोट जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े हैं. बता दें कि, कुल संख्या का दो तिहाई आंकड़ा न पार कर पाने के कारण बिल पास नहीं हो पाया. इसके बाद सरकार ने बाकी 2 और विधेयकों को भी वापस ले लिया. विधेयकों पर बीते दिन करीब 13 घंटे और शुक्रवार सुबह से चर्चा हो रही थी. इस बिल को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में पेश किया था.
28 वोटों से गिरा विधेयक
131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कुल 489 सांसदों ने मतदान किया. विधेयक के पक्ष में 298 सदस्यों, जबकि 230 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट दिया. चूंकि ये संविधान संशोधन विधेयक था, इसलिए सदन में उपस्थित और कुल मतदान करने वाले सदस्यों के दो तिहाई वोट जरूरी थे. तीनों विधेयकों के लिए सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया था. पहले विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया, जिस पर 21 घंटे चर्चा हुई. 56 महिला सांसदों समेत 130 सदस्यों ने विरोध और पक्ष में अपने तर्क रखे. इस दौरान खूब हंगामा देखने को भी मिला.
