CM Dr Mohan Yadav: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी। इस दौरान उन्होंने आरक्षण बिल और हालिया घटनाक्रम को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि- ‘ पूरा देश इस घटनाक्रम से अवगत है और बिल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। साथ ही विपक्ष को “पलटूराम” करार देते हुए कहा कि -‘2023 के विधानसभा चुनाव के समय विपक्ष उनके साथ खड़ा था, लेकिन अब राजनीतिक कारणों से अपना रुख बदल लिया है।’
महिलाओं के सम्मान का मुद्दा गंभीर- CM
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी महिलाओं के साथ अत्याचार और अपमान की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे गंभीर बताते हुए समाज और राजनीति दोनों के लिए चिंता का विषय बताया।’
PM मोदी की अपील को विपक्ष ने ठुकराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र का जिक्र करते हुए CM मोहन यादव ने कहा कि- ‘सभी को साथ लेकर चलने की अपील की गई थी, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते अपना रुख बदल लिया।’

प्रियंका गांधी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि- ‘महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी विपक्ष राजनीति कर रहा है और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।’
मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारतीय राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “सोए हुए को जगाया जा सकता है, लेकिन जो जानबूझकर आंख बंद कर ले, उसे नहीं।”
2014 से पहले क्यों नहीं हुई चर्चा?
CM मोहन यादव ने सवाल उठाया कि -‘2014 से पहले महिला आरक्षण बिल पर गंभीर चर्चा क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर आहत हैं और अंतिम फैसला जनता की अदालत में होगा।’
आगे कहा कि- ‘मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में प्रदेशभर में आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर निगम और नगर पंचायत स्तर तक पहुंचेगी। इसके अलावा विधानसभा सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।’
CM ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी पदस्थ हैं, जो महिलाओं को नेतृत्व और प्रशासन में प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
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