Chhattisgarh urban Maoist network arrest : छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में अर्बन नक्सल नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें रायपुर में दूसरी बार पुलिस कार्रवाई में बड़े नेटवर्क, हथियारों और राजनीति-व्यापार से जुड़े कई चेहरे बेनकाब हुए हैं। इस नेटवर्क के तार गोलियां, बारूद और गन-मशीन सप्लाई से लेकर भाजपा नेताओं, कारोबारियों तक फैले हैं जिससे प्रदेश में सनसनी फैल गई है।
रायपुर में बड़ी कार्रवाई
राजधानी रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और नक्सल विरोधी बल ने छापेमारी कर माओवादी नेटवर्क से जुड़े पति-पत्नी को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर कुल 13 लाख रुपए का इनाम था और इनके कब्जे से ऑटोमैटिक रिवॉल्वर, नकद 1.14 लाख रुपये, 10 तोला सोने के बिस्किट, मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड जब्त हुए।
अर्बन नक्सल नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तार नक्सली दंपति जग्गू और कमला कुरसम रायपुर, भिलाई, दुर्ग समेत शहरी इलाकों में बार-बार मकान बदलकर नेटवर्क चला रहे थे। यह लोग नक्सली संगठन के लिए शहर से धन, हथियार, गोलियां और मशीनगन जुटाने व सप्लाई करने का काम कर रहे थे। दोनों ने राजधानी में ड्राइवर और गार्ड बनकर अतिसंवेदनशील इलाकों में जासूसी और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया।
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BJP नेता और कारोबारियों की संलिप्तता
रायपुर समेत पांच जिलों में जो शहरी सप्लायर हैं, उनमें एक भाजपा नेता और दो बड़े कारोबारी भी शक के घेरे में हैं। इन लोगों पर नक्सलियों को धन, लॉजिस्टिक्स और हथियार सप्लाई करने का आरोप है। एसआईए की टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और कारोबारी नेटवर्क खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों पर उठे सवाल
रायपुर में अर्बन नक्सल दंपति की दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर सवाल उठे हैं कि आखिर नाम बदलकर, फर्जी आईडी से किराए पर मकान कैसे लिया गया और पुलिस-प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। पुलिस को न ही किरायेदारों की जानकारी दी गई, न ही इनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। गिरफ्तार दंपति ने पूछताछ में माना कि वह पिछले 6 साल से रायपुर में सक्रिय थे।
अन्य जिलों में भी कार्रवाई और नेटवर्क विस्तार
जग्गू और कमला की गिरफ्तारी के बाद एनआईए और एसआईए की टीमों ने बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग, कांकेर और बीजापुर जिलों में भी नेटवर्क के दो-तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मोबाइल डिटेल्स और पूछताछ के इनपुट पर शहरी नक्सल नेटवर्क की गहरी जड़ें उजागर हुई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में अर्बन नक्सल नेटवर्क की सक्रियता ने सरकारी तंत्र व राजनीति-व्यापार के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर जैसी राजधानी में बार-बार शहरी नक्सलियों का पकड़े जाना साफ करता है कि उनका नेटवर्क गहरा है, जिसमें राजनीति से जुड़े चेहरे भी शामिल हैं।
