छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सनसनीखेज अपहरण मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें 16 वर्षीय किशोर को हनीट्रैप के जरिए फंसाकर किडनैप किया गया। इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित का सगा भांजा ही निकला।पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया है और युवती समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामला अमलेश्वर थाना क्षेत्र का है।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर जाल में फंसाया
आरोपियों ने योजना के तहत एक युवती को शामिल किया, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram के जरिए नाबालिग से संपर्क किया।करीब 4-5 दिनों तक बातचीत कर उसे विश्वास में लिया गया और फिर मिलने के बहाने अमलेश्वर के तिरंगा चौक बुलाया गया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने कार में बैठाकर उसका अपहरण कर लिया।
1 करोड़ की फिरौती की मांग
अपहरण के करीब 45 मिनट बाद पीड़ित के पिता को कॉल कर 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोपियों ने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर बच्चे को नुकसान पहुंचाया जाएगा।इसके बाद एक कॉल में नाबालिग से भी बात कराई गई, जिसमें उसने रोते हुए अपने पिता से मदद की गुहार लगाई।
पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई, जो धमतरी जिले के भखारा क्षेत्र में मिली।धमतरी पुलिस के सहयोग से अर्जुनी थाना क्षेत्र में नाकेबंदी की गई। संदिग्ध कार को रोकने के लिए सड़क पर जेसीबी लगाकर रास्ता ब्लॉक किया गया।जांच के दौरान कार से नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और मौके से तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया। बाद में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
भांजे ने रची पूरी साजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय साहू (25) ने इस पूरे अपहरण की साजिश रची थी। उसे अपने मामा की आर्थिक स्थिति की जानकारी थी, जिसके चलते उसने फिरौती के लिए यह प्लान बनाया।उसने अपने साथियों और एक युवती को शामिल कर पूरी योजना बनाई। युवती ने नाबालिग को हनीट्रैप में फंसाने की भूमिका निभाई।
5 आरोपी गिरफ्तार, कार और मोबाइल जब्त
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें शैलेंद्र लहरे, रविंद्र लहरे उर्फ नानू, कृष्णा साहू उर्फ करन, संजय साहू और हेमपुष्पा साहू शामिल हैं।आरोपियों के कब्जे से एक कार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है।
