Matangeshwar Mahadev Temple: जीवित रुप में विराजमान है शिवलिंग
कहा जाता है कि, खजुराहों का यह मंदिर मणि के ऊपर बनाया गया है। कहा जाता है कि हजारों साल पहले द्वापर युग के समय भगवान भोलेनाथ ने कुंती पुत्र युधिष्टिर को एक चमत्कारिक मणि दी थी, लेकिन उन्होंने वह मणि ऋषि मतंग क दिया और उन्होंने बाद में उस मणि को राजा हर्षवर्धन को सौंप दिया। Also Read-Sakat Chauth Vrat 2026: सकट चौथ व्रत आज, जानिए कैसे रखें व्रत?
राजा ने उस मणि को जमीन के गाड़ दिया। कुछ दिन बाद अपने आप उस जगह पर शिवलिंग प्रकट हो गए। और धीरे- धीरे वह शिवलिंग बढ़ने लगी फिर उस स्थान पर मंदिर बनावाया गया। बताया जाता है, ये शिवलिंग की प्रतिमा हर साल बढ़ती है। कहा जाता है यह प्रतिमा मणि की शक्ति की वजह से बढ़ती है।
Matangeshwar Mahadev Temple: इस मंदिर के नाम के पीछे का रहस्य
स्थानीय निवासी बताते है कि, इस मंदिर के नीचे मौजूद मणि राजा को मतंग ऋषि ने दी थी इसी वजह से मंदिर का नाम ऋषि के नाम पर 'मतंगेश्वर महादेव मंदिर' रखा गया।शिवलिंग का भव्य स्वरुप
यहां विराजमान शिवलिंग बहुत अद्भुत है, कहते है हर साल इस शिवलिंग का आकार हर साल बढ़ता है, और इसका साक्ष्य भी मौजूद है। यह शिवलिंग नीचे पताल लोक और ऊपर स्वर्गलोक दोनों तरफ इसका आकार बढ़ रहा हैं। कहते हैं जब शिवलिंग नीचे की ओर पाताल लोक तक और ऊपर स्वर्ग की ओर स्वर्ग तक पहुंच जाएगा तो ये दुनिया खत्म हो जाएगी। अभी इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 2.5 मीटर और व्यास 1.1 मीटर है। Also Read-Mahishasura Mardini Mata Temple CG: सदियों पुराना महिषासुर मर्दिनी माता का मंदिर!