Bagdai Vandevi Temple: छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में पत्थर चढ़ाने से पूरी होती हैं भ...

bagdai-vandevi-temple-chhattisgarh-stone-offering-tradition

Bagdai Vandevi Temple: छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में पत्थर चढ़ाने से पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं...

bagdai vandevi temple छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में पत्थर चढ़ाने से पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं

Bagdai Vandevi Temple: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के खमतराई गांव में स्थित बगदाई वनदेवी मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। देशभर में जहां देवी-देवताओं को सोना, चांदी, नारियल या प्रसाद चढ़ाया जाता है, वहीं यहां भक्त माता वनदेवी को पत्थर (कक्कड़) चढ़ाते हैं। Read More: Maa Patal Bhairavi Temple CG: एक ऐसा माता मां का मंदिर, जहां 12 ज्योतिर्लिंगों के होते हैं दर्शन! कहा जाता है कि पत्थर का यह चढ़ावा देवी को अत्यंत प्रिय है और इससे प्रसन्न होकर वे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थीं वनदेवी...

मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों का कहना है कि बगदाई वनदेवी की प्रतिमा स्वयंभू है। किसी को नहीं पता कि यह प्रतिमा वहां कैसे प्रकट हुई। मान्यता है कि एक जमींदार को देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए थे, जिसके बाद उन्होंने यहां एक छोटा मंदिर बनवाया। समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और आज यह मंदिर लोक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

भक्तों का अटूट विश्वास और चमत्कारिक अनुभव...

भक्तों के अनुसार, देवी वनदेवी हर सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना को पूरा करती हैं। भक्त रुखमणि वैष्णव बताती हैं – “मैंने पांच पत्थर रखकर देवी से प्रार्थना की थी, और जब मेरी मनोकामना पूरी हुई तो दोबारा पत्थर चढ़ाने आई।” एक अन्य भक्त सुनीता मिश्रा बताती हैं – “साल 2008 में संतान प्राप्ति की इच्छा से पत्थर चढ़ाए थे, और देवी की कृपा से मुझे बेटा और बेटी दोनों हुए। तब से मैं हर नवरात्रि में यहां ज्योति कलश जलवाती हूं।”

नवरात्रि पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़....

हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्रि में मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है। देवी को “वनदेवी” कहा जाता है क्योंकि यह स्थान पहले घने जंगलों से घिरा हुआ क्षेत्र था। करीब एक सदी पहले यहां से गुजरने वाले लोग पांच पत्थर रखकर अपनी मनोकामना मांगते थे और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे। यह परंपरा अब पूरे क्षेत्र में आस्था का प्रतीक बन चुकी है।

आस्था और परंपरा का सुंदर संगम....

आज बगदाई वनदेवी मंदिर न केवल बिलासपुर बल्कि आसपास के जिलों में भी श्रद्धा और चमत्कार का प्रतीक माना जाता है। पत्थर चढ़ाने की यह अनोखी परंपरा भक्ति, विश्वास और देवी की कृपा का प्रतीक है — जो यह संदेश देती है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।

संबंधित सामग्री

मशीन में चुन्नी फंसने से महिला की मौत:सफाई के दौरान हादसा, फैक्ट्री के बाहर धरने पर बैठे परिजन

राज्य

मशीन में चुन्नी फंसने से महिला की मौत:सफाई के दौरान हादसा, फैक्ट्री के बाहर धरने पर बैठे परिजन

लुधियाना के गर्ग एक्रेलिक फैक्ट्री में कर्मचारी संजू देवी की सफाई करते समय चुन्नी मशीन में फंसने से मौत हो गई।

खेत में खुले बिजली तार ने ली पिता-पुत्र की जान, बेटे को बचाने पहुंचे पिता भी करंट की चपेट में आए

राज्य

खेत में खुले बिजली तार ने ली पिता-पुत्र की जान, बेटे को बचाने पहुंचे पिता भी करंट की चपेट में आए

भोपाल के बिलखिरिया में पिता-पुत्र की खेत में करंट लगने से मौत हो गई। दोनों रातभर खेत में पड़े रहे, पुलिस जांच में जुटी।

यूपी में मानसून का कहर: डिलीवरी के बाद पत्नी-नवजात को चारपाई से नदी पार कराया

राज्य

यूपी में मानसून का कहर: डिलीवरी के बाद पत्नी-नवजात को चारपाई से नदी पार कराया

उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से 15 शहरों में भारी बारिश। अलर्ट जारी, नदियों का जलस्तर बढ़ा, 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में।

नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह हटाए गए, परीक्षा गड़बड़ी और रिजल्ट में देरी पर बड़ा एक्शन

राज्य

नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह हटाए गए, परीक्षा गड़बड़ी और रिजल्ट में देरी पर बड़ा एक्शन

मध्य प्रदेश में नर्सिंग परीक्षाओं में गड़बड़ी के कारण छात्रों की नाराजगी के बाद रजिस्ट्रार मुकेश सिंह को हटाया गया।

क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा के बाद आरती क्यों की जाती है?

सनातन

क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा के बाद आरती क्यों की जाती है?

हिन्दू पूजा में आरती का विशेष स्थान है, जिसे पूजा के समापन पर किया जाता है। यह भक्ति, प्रकाश और आत्मज्ञान का प्रतीक है।