मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूसीसी

UCC विधेयक पारित होने पर गदगद हुई जनता, ऐसे किया सीएम डॉ. मोहन यादव का स्वागत

भोपाल/इंदौर। समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर मध्यप्रदेश की जनता कितनी उत्साहित-कितनी गदगद है, इसका अंदाजा इस खबर से लग जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 जुलाई को जैसे ही इंदौर पहुंचे, वैसे ही सभी धर्मों के साथ-साथ आम जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया।

सभी ने प्रदेश में लागू होने जा रहे यूसीसी का समर्थन किया। इस दौरान खास बात यह रही कि मुस्लिम महिलाओं ने भी यूसीसी विधेयक पारित होने के लिए सीएम डॉ. मोहन का आभार व्यक्त किया और स्वागत किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में लवकुश लेवल-2 ब्रिज की लेन का शुभारंभ भी किया। 

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की आज जयंती है। हम सबका सौभाग्य है कि चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने देश को आजादी दिलाई और एक ऐसे देश की कल्पना की जो सबको समान अवसर दे, समान दृष्टि से देखे। एक समान कानून के अंदर सबको जीवन-यापन का अधिकार दे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज वो सारे काम हो रहे हैं, जिन कामों के लिए हमारे क्रांतिकारियों ने देश को आजादी का सूरज दिखाया। मैं मध्यप्रदेश की जनता को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक के विधानसभा में पारित होने की बधाई देता हूं। 

बड़ी संख्या में लोगों ने किया समर्थन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी यहां सभी धर्मों के लोगों ने यूसीसी का समर्थन करते हुए राज्य सरकार का अभिनंदन किया। यूसीसी के लिए हमने साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा लोगों से संपर्क किया। इसके समर्थन में 10 लाख सुझाव आए। उन्होंने कहा कि यूसीसी कानून लागू होने के बाद मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में शामिल होगा, जो समान कानून के साथ जनता के अधिकारों की सुरक्षा कर रहे हैं। यूसीसी में विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार जैसे कई मसले शामिल हैं। क्या हिंदू-क्या मुस्लिम-क्या पारसी-क्या ईसाई, सबके लिए एक ही कानून लागू होगा। हम एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान की नीति पर चल रहे हैं। 

सबसे अलग करता है इंदौर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर के साथ विकास जुड़ा हुआ है। इंदौर प्रदेश के बाकी हिस्सों के लिए प्रगति के रास्ते खोलता है। डबल-डेकर ब्रिज अपने आप में आधुनिक तकनीक का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। ये केवल इंदौर ही कर सकता है कि नीचे ब्रिज-उसके ऊपर रेल-उसके ऊपर एक और ब्रिज। मैं इसके लिए सबको बधाई देता हूं।