सिंगरौली में राजस्व व्यवस्था पर ब्रेक: सभी पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, तहसीलों में जमा किए बस्ते
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में राजस्व व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने वाला है। जिले की सभी छह तहसीलों के पटवारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन के पहले ही दिन पटवारियों ने अपने बस्ते और राजस्व अभिलेख संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा करा दिए। इसके साथ ही तहसीलदारों को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन भी सौंपा गया।
छह तहसीलों के पटवारी आंदोलन में शामिल
हड़ताल में बैढ़न, चितरंगी, देवसर, सरई, माड़ा सहित जिले की सभी तहसीलों के पटवारी शामिल हैं। पटवारियों ने सरकारी कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाते हुए कलमबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
राजस्व से जुड़े काम होंगे प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ने की संभावना है। नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े सत्यापन, भूमि रिकॉर्ड अपडेट करने जैसे कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को भी फसल संबंधी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड के काम में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि हड़ताल लंबी चली तो राजस्व विभाग की नियमित कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद
मध्यप्रदेश पटवारी संघ का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता। फिलहाल सभी पटवारियों ने अपने बस्ते तहसील कार्यालय में जमा कर दिए हैं और सरकारी कामकाज बंद कर दिया है। अब निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह पटवारियों से बातचीत कर इस गतिरोध को कब तक समाप्त करती है। वहीं आम नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील कार्यालय जाने से पहले स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।