मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, राजस्व सेवाएं होंगी प्रभावित
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों के पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। संघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी वर्षों से लंबित और न्यायोचित मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ ने पहले चरणबद्ध आंदोलन किए, लेकिन समाधान नहीं मिलने पर अब प्रदेशव्यापी हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
ग्रेड पे में दूसरे राज्यों से पीछे मध्यप्रदेश
पटवारियों का आरोप है कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां पटवारियों को सबसे कम ग्रेड पे दिया जा रहा है। संघ के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 2800 रुपये का ग्रेड पे मिलता है। वहीं कर्नाटक में 3600 और उत्तराखंड तथा पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में 4200 रुपये तक का ग्रेड पे दिया जा रहा है। संघ के प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र बघेल का कहना है कि लंबे समय से वेतनमान और अन्य मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
राजस्व विभाग की कई सेवाएं होंगी प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर राजस्व विभाग की ऑनलाइन और फील्ड सेवाओं पर पड़ेगा। ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन, फार्मर रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड स्कैनिंग और राजस्व वसूली जैसे 12 से अधिक ऑनलाइन पोर्टल प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी और अतिक्रमण संबंधी कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है।
संघ का आरोप- काम बढ़ा, सुविधाएं नहीं
पटवारी संघ का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में उनसे लगातार नए ऑनलाइन और मैदानी कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन उनकी पुरानी मांगों का समाधान अब तक नहीं किया गया। संघ का आरोप है कि राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों की पदोन्नति, वेतनमान और सेवा सुविधाओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
पटवारी संघ ने राज्य सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो राजस्व सेवाएं सामान्य हो सकती हैं और आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों से बचाया जा सकता है। फिलहाल संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।