खंडवा में 48 घंटे की लगातार बारिश से बाढ़ के हालात

खंडवा में बारिश का कहर: डैम के गेट खुले, बाढ़ जैसे हालात, स्कूल बंद और राहत शिविर शुरू

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। पिछले 24 घंटे में जिले में 74.4 मिमी और खंडवा शहर में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई में कुल 305 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य कोटे के बेहद करीब है। लगातार बारिश के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

निचले इलाकों से लोगों का सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू

भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे कई बस्तियों में पानी घुस गया। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राहत एवं बचाव दल भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

दो दिन के लिए बंद हुए स्कूल

बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। प्रभावित परिवारों को कृषि उपज मंडी और एमएलबी स्कूल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराया गया है। यहां भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कई ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाते दिखाई दिए।

डैम के गेट खुले, ड्रोन से पहुंचाई राहत सामग्री

लगातार बारिश के कारण सुक्ता डैम के चार और राजगढ़ डैम के पांच गेट खोल दिए गए हैं। इससे सुक्ता और भाम नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। हांडी कुंडी और अजंटी क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि ड्रोन की मदद से राहत सामग्री भी पहुंचाई गई। भोजाखेड़ी गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और तेज बहाव में ट्रैक्टर व कृषि उपकरण बह गए।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील

प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग अलर्ट पर हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना का पालन करने की सलाह दी गई है।