चंबा के साधारण सैलून में बाल कटवाने पहुंचे CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सादगी ने जीता लोगों का दिल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का रविवार को चंबा दौरे के दौरान एक ऐसा मानवीय और सहज रूप देखने को मिला, जिसने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया। आमतौर पर मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी हस्तियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परंपरा से अलग हटकर चंबा के स्थानीय बाजार में स्थित एक साधारण सैलून में जाकर सोमवार को बाल कटवाए।
मुख्यमंत्री का यह सादगीभरा अंदाज देखते ही वहां मौजूद लोग कुछ पल के लिए हैरान रह गए। किसी विशेष सुरक्षा घेरे या दिखावे के बिना वह एक सामान्य ग्राहक की तरह सैलून पहुंचे और नाई की कुर्सी पर बैठ गए। दुकान में मौजूद लोगों को शुरुआत में विश्वास ही नहीं हुआ कि प्रदेश का मुख्यमंत्री उनके बीच इतनी सहजता से मौजूद है।
बिना तामझाम के आम ग्राहक की तरह कटवाए बाल
मुख्यमंत्री ने पूरे समय किसी तरह के वीआईपी प्रोटोकॉल का प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने सामान्य ग्राहक की तरह अपनी बारी का इंतजार किया और आराम से बाल कटवाए। इस दौरान उन्होंने सैलून संचालक से आत्मीयता से बातचीत की और उसके कामकाज के बारे में जानकारी ली।
सिर्फ दुकान मालिक ही नहीं, बल्कि आसपास मौजूद स्थानीय लोगों से भी मुख्यमंत्री ने हंसते-मुस्कुराते हुए बातचीत की। उन्होंने लोगों का हालचाल जाना और उनसे क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों को बेहद पसंद आया।
लोगों ने की सादगी की सराहना
मुख्यमंत्री सुक्खू के इस सहज व्यवहार की स्थानीय लोगों ने खुलकर प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि आज के समय में छोटे-बड़े जनप्रतिनिधि भी अक्सर वीआईपी संस्कृति को प्राथमिकता देते हैं, ऐसे में किसी राज्य के मुख्यमंत्री का बिना किसी विशेष व्यवस्था के एक सामान्य सैलून में जाकर बाल कटवाना उनकी सादगी और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आम जनता के बीच से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं और आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि वह जहां भी जाते हैं, लोगों के बीच सहजता से घुल-मिल जाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री के इस सादगीपूर्ण अंदाज की चर्चा स्थानीय स्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी होने लगी। लोग इसे जनप्रतिनिधियों के लिए एक सकारात्मक संदेश मान रहे हैं। उनका कहना है कि जनसेवा का वास्तविक भाव तभी दिखाई देता है, जब कोई जनप्रतिनिधि बिना किसी दिखावे के आम लोगों के बीच पहुंचकर उनसे जुड़ता है।
चंबा के एक साधारण सैलून में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की यह छोटी-सी मुलाकात लोगों के लिए यादगार बन गई और एक बार फिर यह संदेश दे गई कि सादगी और आत्मीयता ही किसी जननेता की सबसे बड़ी पहचान होती है।