उत्तरप्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार क

UP सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए किया बजट पेश, 5,700 करोड़ रुपए की भूमि अधिग्रहण

गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार

उत्तरप्रदेश के मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की दिशा में UP सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को UP की विधानसभा में पेश अनुपूरक बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण को 5700 करोड़ रुपए और प्रारंभिक निर्माण कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। इससे हरिद्वार को हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है।

चारधाम यात्रा होगी आसान

इस परियोजना का सीधा फायदा उत्तराखंड को मिलेगा। हरिद्वार के जरिए देहरादून, ऋषिकेश और चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा आसान होगी। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि परियोजना का रास्ता पूरी तरह आसान नहीं है। हरिद्वार के 7 गांवों के किसान पहले ही अपनी उपजाऊ कृषि भूमि देने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में भूमि अधिग्रहण और किसानों की सहमति राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

5,700 करोड़ रुपए की भूमि अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार विस्तार के लिए 5,700 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए। इसके अलावा प्रारंभिक निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपए का भी प्रावधान किया गया। राज्य सरकार का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जा सकेगा।

हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे बनने के बाद प्रयागराज से धर्मनगरी हरिद्वार की दूरी सड़क मार्ग से आसान हो जाएगी। अभी यह सफर 11 से 13 घंटे या उससे ज्यादा वक्त लेता है, जबकि एक्सप्रेसवे बनने के बाद इसे करीब 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे हरिद्वार सीधे पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क के जरिए जुड़ जाएगा।