दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत, भाजपा के प्रत्याशी को 6000+ वोटों से हराया
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने उपचुनाव में 6056 वोटों से जीत हासिल की है। वहीं, बीजेपी के आशुतोष तिवारी शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद चुनाव परिणाम में पिछड़ गए। राज्य में सरकार बनाने के लिहाज से इस चुनाव का नतीजा कोई असर नहीं डालेगा, लेकिन यहां हार मिलने पर बीजेपी की चिंता बढ़ सकती। वहीं, कांग्रेस की कलह पहले ही खुलकर सामने आ चुकी है। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म की तो उन्होंने मौजूदा उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि 2028 चुनाव में वह अपना दम दिखाएंगे।
कौन हैं घनश्याम सिंह? 6056 वोट से जीते
घनश्याम सिंह पहली बार 1993 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे. इसके बाद 1998 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. फिर साल 2003 में वह फिर से विधायक बने थे. इसके बाद साल 2018 में वह सेवढ़ा विधानसभा से बीजेपी के राधेलाल बघेल को हराया था. इसके साल 2023 में वह प्रदीप अग्रवाल से हार गए थे. अब वह एक बार फिर से दतिया से चुनाव मैदान में उतरे थे और उनके सामने बीजेपी के आशुतोष तिवारी थे जो पिछले चुनाव में सेवढ़ा से ही टिकट मांग रहे थे.
क्यों हुआ उपचुनाव?
2023 में दतिया विधानसभा से राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, बाद में उन्हें एक पुराने मामले में सजा हो गई और उनकी विधायकी रद्द कर दी गई। इसी वजह से उपचुनाव हुए हैं। राजेंद्र भारती चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। वहीं, बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। ऐसे में दोनों पार्टियों ने नए चेहरों को मौका दिया। आशुतोष युवा नेता हैं। वहीं, घनश्याम पहले भी विधायक रह चुके हैं।
जब दतिया में नरोत्तम मिश्रा का जादू खत्म
दतिया से साल 2023 में नरोत्तम मिश्रा का जादू खत्म हो गया. बीजेपी लहर के बावजूद 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की लेकिन नरोत्तम मिश्रा दतिया सीट से चुनाव हार गए. उन्हें कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने करीब 7 हजार के अंतर से चुनाव हरा दिया था. इस तरह 2023 के चुनाव में राजेंद्र भारती मिश्रा पर भारी पड़ गए.
उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलना
दतिया सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा। हाल ही में आए दतिया उपचुनाव के परिणामों में भी कांग्रेस ने यह सीट जीत ली है, जिससे स्थानीय राजनीति में समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।
राजेंद्र भारती को सजा मिलने पर खाली हुई थी सीट
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फ्रॉड मामले में 2 साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से हराया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधानसभा सीट को खाली घोषित कर दिया, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की थी और अब फिर दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को हरा दिया हैं
आखिरी राउंड में घटा जीत का अंतर
मतगणना के नौवें राउंड तक कांग्रेस की कुल बढ़त 9519 वोटों की हो गई थी। वहीं, 14वें राउंड में कांग्रेस को 6614 और भाजपा को 3100 वोट मिले थे, जिससे कांग्रेस की लीड 7459 वोट हो गई थी। बाद के राउंड में जीत का अंतर घटा और अंतिम परिणाम में कांग्रेस 6056 वोटों से विजयी रही। नौवें राउंड की गिनती के दौरान ईवीएम रखने के स्थान को लेकर भाजपा और कांग्रेस एजेंटों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।