CM डॉ मोहन यादव बने 'मास्टरजी', क्लास में पढ़ाया और बच्चों से किया LIVE संवाद!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनी कन्या शासकीय विद्यालय में एक अलग अंदाज़ में छात्रों के बीच समय बिताया। मुख्यमंत्री ने सिर्फ निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया, सवाल-जवाब किए और छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ बच्चों और शिक्षकों के लिए यादगार बन गया।
ब्लैकबोर्ड संभाला, छात्रों से किया लाइव संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल में विद्यार्थियों के साथ लाइव संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और स्कूल की जरूरतों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खुद ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया और विद्यार्थियों से सवाल पूछकर उनकी समझ भी परखी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री के सवालों के जवाब दिए।
केमिस्ट्री लैब में किए प्रैक्टिकल, सुविधाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने छात्रों के सामने कुछ प्रयोग करके दिखाए और विज्ञान की पढ़ाई को व्यवहारिक तरीके से समझाने का प्रयास किया। इसके अलावा उन्होंने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल मैदान का भी निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
फाइलों से आगे बढ़कर जाना स्कूलों का जमीनी सच
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का वास्तविक आकलन केवल फाइलों और रिपोर्टों से नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से उन्होंने स्कूल पहुंचकर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। इस पहल से शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से छात्रों का उत्साह बढ़ा, वहीं प्रशासन को भी संदेश मिला कि शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।