पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता पारस जैन का निधन, उज्जैन में शोक की लहर, इंदौर के अस्पताल में ली अंतिम सांस
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पारस जैन का सोमवार को निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार उज्जैन में किया जाएगा। दोपहर 3 बजे उनके निवास से अंतिम यात्रा निकलेगी।
उज्जैन की राजनीति का बड़ा चेहरा थे पारस जैन
पारस जैन लंबे समय तक उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। वे कई बार विधायक चुने गए और भाजपा के वरिष्ठ एवं अनुभवी नेताओं में उनकी पहचान थी। संगठन में सक्रिय भूमिका और जनता के बीच मजबूत पकड़ के कारण वे मालवा क्षेत्र की राजनीति का अहम चेहरा माने जाते थे।
शिवराज सरकार में संभाले कई अहम मंत्रालय
पारस जैन ने मध्य प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2005 से 2013 के दौरान वे राज्य मंत्री रहे और वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे विभागों का कार्यभार संभाला। दिसंबर 2013 में उन्हें स्कूल शिक्षा मंत्री बनाया गया, जबकि वर्ष 2016 के मंत्रिमंडल विस्तार में ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
2023 विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
भाजपा ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उज्जैन उत्तर सीट से पारस जैन को टिकट नहीं दिया था। हालांकि, इसके बाद भी वे संगठन की गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे और पार्टी के वरिष्ठ मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे।
भाजपा और समर्थकों ने जताया शोक
पारस जैन के निधन पर भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को प्रदेश भाजपा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। बड़ी संख्या में समर्थकों के अंतिम दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचने की संभावना है।