भोजशाला की मूल वाग्देवी प्रतिमा की वापसी का रास्ता साफ, BRICS सम्मेलन से पहले केंद्र का बड़ा दावा
धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ी मां वाग्देवी (सरस्वती) की मूल प्रतिमा को भारत वापस लाने की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित इस प्रतिमा का कानूनी सत्यापन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार ने इसकी वापसी के प्रयास तेज कर दिए हैं। जांच में यह पुष्टि हुई है कि ब्रिटिश म्यूजियम में रखी प्रतिमा भोजशाला की मूल वाग्देवी प्रतिमा ही है। इससे वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने तेज की कानूनी प्रक्रिया
केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने भोपाल में जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और ब्रिटिश म्यूजियम के बीच प्रतिमा की वापसी को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला द्वारा इस विषय को लगातार प्राथमिकता दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने आवश्यक औपचारिकताओं में तेजी लाई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतिमा को भारत लाने का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
भोपाल में होगा BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन
5 से 8 अगस्त तक भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 आयोजित होगा। इसमें सदस्य और साझेदार देशों के संस्कृति मंत्री, अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। सम्मेलन में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, चोरी हुई विरासत की वापसी, संग्रहालयों के सहयोग, डिजिटल सांस्कृतिक नेटवर्क और रचनात्मक उद्योगों पर विस्तार से चर्चा होगी। पहले दिन पंजीकरण, द्विपक्षीय बैठकें और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण
सम्मेलन के दौरान 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' विषयों पर विशेष प्रदर्शनियां लगेंगी। 6 और 7 अगस्त को सांस्कृतिक सहयोग, संग्रहालय नेटवर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर मंथन होगा। 'अमृतस्य मध्य प्रदेश' प्रस्तुति के जरिए भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, महेश्वर और नर्मदा की सांस्कृतिक विरासत को नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही सिंहस्थ कुंभ-2028 का सांस्कृतिक आमंत्रण भी दिया जाएगा।
सांची और भीमबेटका भ्रमण से मिलेगा विरासत का अनुभव
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप का भ्रमण करेगा, जहां योग-ध्यान, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा। इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए 9 अगस्त को भीमबेटका शैलाश्रयों का वैकल्पिक दौरा भी रखा गया है। इसके अलावा हेरिटेज वॉक, बर्ड वॉचिंग, बड़ी झील में शिकारा राइड और मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प की खरीदारी जैसी गतिविधियों के माध्यम से मेहमानों को भोपाल की समृद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से परिचित कराया जाएगा।