मध्यप्रदेश के हरदा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव म

किसानों के लिए लगातार काम कर ही सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- नई तकनीकों का लाभ उठाएं अन्नदाता

हरदा। 'बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे 1 अगस्त को हरदा जिले की कृषि उपज मण्डी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को जबलपुर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी ली। इसके अलावा यहां कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुआणा क्षेत्र की धरती शुरू से ही उपजाऊ रही है। हरदा कृषि क्षेत्र में नम्बर वन है। यहां नर्मदा जी का जल कृषि को और अधिक समृद्ध बनाता है। जिला मूंग, सोयाबीन, गेहूं के उत्पादन के साथ हरी मिर्च के उत्पादन में भी अग्रणी बन रहा है। जिले के कोने-कोने तक सिंचाई का जल पहुँचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों के हित में 16 विभागों की समन्वित कार्य योजना तैयार कर नियमित फसलों के अलावा दूध, मछली, पशु पालन, फल, सब्जी, मसाले, फूल एवं अन्य कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के अलावा कृषि क्षेत्र में नई-नई तकनीकी भी लाई जा रही है। किसानों को सहकारी समितियों में लेने वाले ऋणों पर ब्याज अब वर्ष में एक बार देना पड़ेगा। सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहित किये जाने पर अच्छे आर्थिक मुआवजे की व्यवस्था की गई है।

परंपरागत खेती अब हुई पुरानी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती अब गुज़रे ज़माने की बात हो गई है। अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। किसान बंधु अपने खेत की मिट्टी की जांच कराएं। मिट्टी की उत्पादकता के अनुसार ही फसल लें। बहुत अधिक रायायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से बचें, जितनी जल्दी हो सके, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ें। फसल विविधीकरण अपनाएं। एक ही किस्म की फसल के स्थान पर एक ही समय में खेत में एकाधिक फसल लें। इससे किसानों के खेतों में नई फसल किस्मों की हरियाली आएगी, साथ ही आमदनी भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी त्यौहार हंसी खुशी से मनाए जाएं। साथ ही कांवड़यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जाएं।

किसानों के प्रति सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अनाज उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान है। किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए सम्मान निधि के रूप में उनके बैंक खातों में अंतरित किए गए हैं। आज पूरी दुनिया भारत की क्षमताओं को पहचानती है। भारत वह देश है, जो अपनी परम्पराओं में वसुधैव कुटुम्बकम का भाव रखते हुए संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है। हमारी संस्कृति ‘जियो और जीने दो’ पर विश्वास करती है। भगवान बलराम कृषि क्षेत्र के पहले देवता हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए हम वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं। इसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाए जा रहे हैं।

दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसानों के प्रति हमारी संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हैक्टेयर हो गया है, जो कि वर्ष 2002-03 से पहले मात्र साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था। पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर से अधिक बढ़ चुका है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए किसानों को बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, प्राकृतिक खेती और आधुनिक खेती से जोड़ा है। किसान भाई अब ड्रोन से खेतों में खाद-बीज का छिड़काव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्षाकाल के बाद किसानों को रात के साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर हमने 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

कृषक-विद्यार्थी हुए सम्मानित

कार्यक्रम में कृषक रामनारायण पिता रामरतन, कृषक परमानंद पिता जयनारायण, किसान शिवनारायण चाचरे, किसान राजकुमार बाफना, किसान मेहुल पिता रामजीवन, कृषक रमा बाई पति जगदीश, जयनारायण राय, कृषक डॉ. यास्मिन अली, नवनीत जैन, राजेन्द्र कनेरे, किसान संदीप कुमार, राजकुमार विश्नोई, किसान मधु धाकड़ को सम्मानित किया गया। इसके अलावा गौरव विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा थलवंदना मल्हारे, लक्ष्मीबाई विद्या मंदिर टिमरनी के छात्र प्रवीण मालाकार, सनराइज स्कूल टिमरनी की छात्रा हर्षिता चौरसिया, तक्षशिला एकेडमी हरदा की छात्रा तन्वी शर्मा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिमरनी की छात्रा शीतल राजपूत, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिमरनी के छात्र जय राठौड़, मां शारदा विद्या पीठ हरदा की छात्रा आयुषी शर्मा, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय हरदा की छात्रा ईशा केवट, मां शारदा विद्या पीठ हरदा की छात्रा ज्योति धाकड़ व हरदा स्कूल ऑफ एजुकेशन हरदा की छात्रा भूमि नागले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।