chhattisgarh-assembly-jal-jeevan-mission-ruckus-walkout

chhattisgarh-assembly: मानसून सत्र...जल जीवन मिशन पर घमासान, विपक्ष का वॉकआउट

By : Narendra Singh
chhattisgarh-assembly: मानसून सत्र...जल जीवन मिशन पर घमासान, विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी पहले दिन की तरह हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन योजना की प्रगति पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जल जीवन मिशन के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है और असल में कई जिलों में पानी पहुंच ही नहीं रहा है। वहीं, सरकार ने कांग्रेस के कार्यकाल में किए गए कामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पानी के नल लगाए गए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सरकार पर हमला

प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन के तहत अब तक खर्च की गई राशि और लाभान्वित परिवारों के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने अब तक सिर्फ 3,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और लक्ष्य का मात्र 57 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ आंकड़ों का खेल दिखा रही है, जबकि जमीन पर कई जिलों में स्थिति गंभीर है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का जवाब और पलटवार

इस पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 2022-23 से लेकर अब तक योजना के तहत 15,045 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साव ने दावा किया कि 3,836 गांवों में 100% कवरेज हो चुका है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने बिना पानी के नल लगाए और सिर्फ कागजी कार्यवाही की। साव ने बताया कि जब 2023 के अंत में वेरिफिकेशन कराया गया, तो पाया गया कि कांग्रेस शासन में दिखाए गए 36 लाख कनेक्शनों में से केवल 21 लाख घरों तक ही पानी पहुंच रहा था। शेष 15 लाख घरों में केवल नल लगे थे, परंतु पानी नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने समय पर काम किया होता, तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

विपक्ष ने उठाए फर्जी आंकड़ों के आरोप, सदन में हंगामा

भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि 21 लाख कनेक्शन कांग्रेस ने दिए और अब 31 लाख घरों में पानी पहुंच रहा है, तो इसका मतलब यह हुआ कि दो साल में केवल 10 लाख घरों को ही कनेक्शन दिया गया, वह भी किस गुणवत्ता के साथ – यह स्पष्ट नहीं है। विपक्ष ने इसे "आंकड़ों की बाजीगरी" करार दिया। विपक्ष के विधायकों ने सरकार के आंकड़ों को फर्जी बताया और कहा कि वास्तविकता यह है कि कई जिलों में लोग अब भी पानी की सुविधा से वंचित हैं। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई। बात इतनी बढ़ गई कि प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप कर मर्यादा बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।

किरण सिंहदेव ने उठाया CSR फंड का मुद्दा

इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक किरण सिंहदेव ने बस्तर संभाग में उद्योगों से मिले CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड की राशि को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में कलेक्टर स्तर पर कोई राशि खर्च नहीं की गई और न ही उनकी ओर से अनुमोदित विकास कार्यों को स्वीकृति मिली।उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब में कहा कि कुल 21 करोड़ रुपये की राशि में से 7.44 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में खर्च किए गए हैं और कुछ प्रस्तावों को स्वीकृति मिल चुकी है, बाकी कार्यों को जल्द स्वीकृत किया जाएगा।विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने CSR फंड का प्रतिशत पूछते हुए पूर्व सरकार और वर्तमान सरकार की तुलना की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में इस मद में कितना पैसा खर्च हो रहा है, इसकी स्वतंत्र जांच करवाई जाए।

पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी घेरे में

गौरतलब है कि सत्र के पहले दिन भी सरकार को मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा था। राजस्व विभाग में पटवारी से राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया था। भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल पर मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब दिया कि मामले की जांच EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) द्वारा की जा रही है। हालांकि विपक्ष ने इसे नाकाफी बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की और सदन से वॉकआउट कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष की चेतावनी और सत्र की आगे की कार्यवाही

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों को चेतावनी देते हुए कहा कि पूरे देश की नजर छत्तीसगढ़ विधानसभा पर होती है और मर्यादा में रहकर बहस करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में बार-बार बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।

18 जुलाई तक चलेगा मानसून सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मानसून सत्र 18 जुलाई तक चलेगा। आने वाले दिनों में और भी कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा और टकराव की संभावना है। अब तक के घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि यह सत्र सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। Watch Now :-  जानिए कैसे ChatGPT की मदद से Jennifer Allen ने सिर्फ 30 दिन में आधा कर्ज चुकता कर दिया – वीडियो जरूर देखें और शेयर करें! Read More :-अब 8 घंटे पहले तैयार होगा पहला आरक्षण चार्ट

Advertisement

UK Add पहली बार वित्तीय प्रबंधन 02 on 24 Aug 2026