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Mahakumbh 2025: महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों की डुबकी

By : Shital Sharma
Mahakumbh 2025: महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों की डुबकी

Mahakumbh 2025: संगम पर भारी भीड़ आशुतोष राणा ने किया स्नान 

Mahakumbh 2025:आज महाकुंभ का 30वां दिन है। 13 जनवरी से अब तक 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। आज दोपहर 12 बजे तक 81.60 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। संगम पर भारी भीड़ है। हर तरफ लोग नजर आ रहे हैं। शहर में जाम जैसी स्थिति है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और डीआईजी अजय पाल शर्मा सड़कों पर उतर आए हैं।

52 नए आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों की नियुक्ति

प्रयागराज में 12 फरवरी को होने वाले माघ पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर नई यातायात व्यवस्था लागू की गई है। 10 फरवरी को रात 8 बजे से 13 फरवरी को सुबह 8 बजे तक मेले में कोई वाहन नहीं चलेगा। केवल प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के वाहनों के वाहन चलेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम एसटीएफ चीफ अमिताभ यश को स्पेशल प्लेन से प्रयागराज भेजा है। 52 नए आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सभी को तुरंत प्रयागराज पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा गया। Watch Now:-Bhopal में किसानों का प्रदर्शन | मंत्रालय घेरने आए हजारों किसान! | डिप्टी CM खुद मिलने पहुंचे

 बाबा ने महाकुंभ में अपना सिर जमीन में गाड़ दिया 

योगी ने सोमवार शाम महाकुंभ पर समीक्षा बैठक की। योगी ने कहा कि माघ पूर्णिमा के दिन यातायात और भीड़ प्रबंधन के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। सड़कों पर वाहनों की कतार नहीं लगनी चाहिए और न ही ट्रैफिक जाम होना चाहिए। Mahakumbh 2025 no entry for vehicles till 13th उन्होंने कहा कि पार्किंग क्षेत्र से मेला परिसर तक शटल बसों की संख्या बढ़ाई जाए। पार्किंग स्थानों को ठीक से प्रबंधित करें। प्रयागराज में किसी भी स्टेशन पर बहुत ज्यादा भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए। परिवहन निगम की मेला स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त बसें चलाई जाएं। हर भक्त को उनके घर सुरक्षित पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। Read More:- Mp cm ghoshna: एमपी के मुखिया ने किया बड़ा ऐलान, अंगदान और देहदान करने वालों को मिलेगा राजकीय सम्मान

यह व्यवस्था अब की गई है

संगम पहुंचने के लिए पैदल मार्ग: जीटी जवाहर मार्ग से श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा। वे काली रैंप और संगम अपर रोड होते हुए संगम पहुंचेंगे। संगम से वापस पैदल मार्ग - संगम क्षेत्र से, हम अक्षयवट मार्ग के माध्यम से इंटरलॉकिंग वापसी मार्ग पर चलेंगे। इसके बाद आप त्रिवेणी रोड के रास्ते वापस जा सकते हैं।

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