ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 देशों से

ग्लासगो में 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज़, 125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में उतरेंगे

ग्लासगो में 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज़

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आज 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो चुकी है। 2 अगस्त तक चलने वाले इस इवेंट में 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 10 खेलों में 215 गोल्ड सहित कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे। भारत के 125 खिलाड़ी 8 गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

भारत का एक मेडल पक्का

वहीं, ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलो वेट में भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया। उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाई मिला। अब वह सीधे सेमीफाइनल में 31 जुलाई TKBP ताफाकी से भिड़ेंगी। बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों हारने वाले मुक्केबाजों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। 

10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स

इस बार 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स शामिल हैं। क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे गेम्स ग्लासगो 2026 का हिस्सा नहीं हैं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे अधिक मेडल शूटिंग में ही जीते हैं। 

भारत का डेब्यू

भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 1934 में डेब्यू किया था। भारत ने 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर बाकी सभी एडिशन में हिस्सा लिया। लंदन 1934 गेम्स में भारत की ओर से 6 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। भारतीय दल ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में हिस्स लिया। इसी एडिशन में भारत ने अपना पहला मेडल जीता। पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 kg फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। 1934 में डेब्यू के बाद से भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते। इनमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 172 ब्रॉन्ज मेडल हैं।