CJP का दावा- सभी प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होंगी: रात 1 बजे वीडियो जारी कर कहा- सरकार ने दिया सुरक्षित रहने का भरोसा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएंगी। सोमवार देर रात करीब 1 बजे CJP प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना ने वीडियो जारी कर यह जानकारी दी। संगठन के मुताबिक, सरकार के प्रतिनिधियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और FIR वापस लेने को लेकर आश्वासन दिया गया।
सरकार के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत- CJP
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने वीडियो में बताया कि सरकार के प्रतिनिधि यानी दिल्ली पुलिस के अधिकारी उनसे मिलने पहुंचे थे। संगठन ने अधिकारियों के सामने यह आशंका रखी कि सरकार की ओर से पहले किए गए वादे पूरे नहीं किए जा सकते हैं।
सौरव दास के मुताबिक, अधिकारियों ने बिहार सरकार के गृह विभाग की एक प्रेस रिलीज दिखाई। इसमें 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले बिहार में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने और संबंधित FIR, आपराधिक शिकायतों व कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
CJP का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को यह भी आशंका थी कि किसी दूसरे राज्य में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। संगठन के मुताबिक, सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की गारंटी दी है और इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
FIR वापस नहीं हुईं तो फिर आंदोलन की चेतावनी
इससे पहले सोमवार शाम CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी थी। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि सरकार समझौते का पालन नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा था कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने का लिखित समझौता नहीं मिला तो संगठन को फिर से आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। CJP के मुताबिक, देशव्यापी आंदोलन इस आश्वासन के बाद खत्म किया गया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
हालांकि, उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया था।
बिहार सरकार ने क्या कहा?
बिहार सरकार ने सोमवार को कहा कि 26 जुलाई को शाम 6 बजे से पहले बिहार में कहीं भी हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR, आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा ऐसे मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही गई है।
CJP की लीगल टीम ने लगाए गंभीर आरोप
CJP की कानूनी संपर्क अधिकारी के तौर पर पेश की गईं रत्ना सिंह ने दावा किया कि संगठन की लीगल टीम असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की मदद कर रही है।
रत्ना सिंह ने दावा किया कि कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 10 मुस्लिम हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर कड़े कानूनी प्रावधान लगाए जाने की आशंका है।
इसके अलावा उन्होंने बिहार के पटना, सिवान और छपरा में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। CJP की ओर से दावा किया गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों पर हत्या के प्रयास जैसे आरोप लगाए गए हैं और करीब 5 हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस या प्रशासन का पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है।
आंदोलन खत्म होने के बाद CJP के 3 बड़े एक्शन
देशव्यापी आंदोलन खत्म करने के बाद CJP ने प्रदर्शनकारियों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों को लेकर कई कदम उठाने की बात कही है।
1. कानूनी मदद के लिए चंदा: CJP ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों और पुलिस मामलों में फंसे प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए जनता से आर्थिक सहयोग जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए संगठन ने एक वेबसाइट शुरू करने की बात कही है।
2. देशभर में लीगल एड सेल: संगठन ने देशभर में लीगल एड सेल बनाने का ऐलान किया है। CJP के मुताबिक, कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए ₹1 करोड़ देने की घोषणा की है। साथ ही अलग-अलग जिलों के वकीलों से भी सहयोग मांगा गया है।
3. ‘साक्षी पोर्टल’: CJP ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो जुटाने के लिए अपनी वेबसाइट पर ‘साक्षी पोर्टल’ शुरू करने की बात कही है। संगठन के मुताबिक, यहां प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई से संबंधित फोटो-वीडियो अपलोड किए जा सकेंगे।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या कहा?
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 2,873 लोगों का वैरिफिकेशन किया गया। इनमें से 989 लोगों के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और रेप जैसे गंभीर मामलों से जुड़े केस दर्ज पाए गए।
पुलिस के अनुसार, जांच में:
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101 लोग हत्या के मामलों में आरोपी पाए गए।
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62 लोगों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज मिले।
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284 लोग लूट और डकैती से जुड़े मामलों में आरोपी पाए गए।
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229 लोगों पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज मिले।
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135 लोगों के खिलाफ स्नैचिंग के मामले पाए गए।
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19 लोग अपहरण से जुड़े मामलों में आरोपी पाए गए।
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67 लोगों पर NDPS एक्ट से जुड़े मामले दर्ज मिले।
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61 लोगों पर रेप के मामले दर्ज पाए गए।
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25 लोगों के खिलाफ महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले मिले।
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6 लोगों पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज पाए गए।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
अब आगे क्या होगा?
CJP के ताजा दावे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है। संगठन ने सरकार से लिखित आश्वासन और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आए आपराधिक मामलों के आंकड़ों ने पूरे विवाद को एक अलग दिशा दे दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में FIR वापसी, प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और पुलिस जांच को लेकर सरकार और CJP के बीच स्थिति स्पष्ट होना अहम रहेगा।