CBI ने अनिल अंबानी और रिलायंस कैपिटल पर दर्ज की FIR, EPFO को ₹1,816 करोड़ के नुकसान का आरोप
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज की है। कंपनी पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को करीब ₹1,816.22 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों ने शनिवार, 1 अगस्त को इस कार्रवाई की पुष्टि की।
यह मामला केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 21 जुलाई को भेजी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में रिलायंस कैपिटल पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और EPFO के फंड को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, अनिल अंबानी की ओर से जारी बयान में सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है।
ऑडिट और जांच में सामने आईं कथित वित्तीय अनियमितताएं
शिकायत के अनुसार, BDO इंडिया द्वारा किए गए ऑडिट से पहले भी कंपनी में कई संदिग्ध और फर्जी वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले थे। आरोप है कि इन ट्रांजैक्शनों के जरिए रिलायंस कैपिटल से बड़ी मात्रा में धनराशि बाहर निकाली गई, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर होती गई।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में भी कथित तौर पर अनियमित तरीके से लोन वितरित करने, फंड के दुरुपयोग और सिक्योरिटी को कमजोर करने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि ये आरोप साबित होते हैं, तो यही कारण कंपनी के वित्तीय संकट और बाद में उसके डूबने की प्रमुख वजह बने। इसके चलते कंपनी डिबेंचर होल्डर्स का भुगतान नहीं कर सकी और EPFO को भी भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
अनिल अंबानी ने आरोपों से किया इनकार
अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि वे 2005 से नवंबर 2021 तक रिलायंस कैपिटल में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन रहे थे। उन्होंने बताया कि नवंबर 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भंग कर एक प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया था।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अनिल अंबानी किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता में शामिल होने से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि वे कानून के तहत उपलब्ध सभी अधिकारों का उपयोग करेंगे और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे।
मामले पर सबकी नजर
CBI द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद यह मामला देश के सबसे चर्चित कॉर्पोरेट मामलों में शामिल हो गया है। अब जांच एजेंसियां दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच करेंगी। आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।