देशभर में मानसून का असर: केरल-कर्नाटक में मौतें, जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, उत्तराखंड में हाईवे धंसा, तमिलनाडु में बारिश
देशभर में मानसून का असर अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रहा है। केरल और कर्नाटक में भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ है। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण बद्रीनाथ और यमुनोत्री मार्ग प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर तमिलनाडु में बारिश नहीं होने से जल संकट गहरा गया है और लोग बारिश के लिए विशेष प्रार्थना कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
केरल बारिश और लैंडस्लाइड से 8 लोगों की मौत
केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 209 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
कर्नाटक शिवमोग्गा में लैंडस्लाइड, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और तीन वर्षीय बेटा संतोष शामिल हैं। हादसे के वक्त पूरा परिवार पहाड़ी के पास बने घर में सो रहा था, तभी भारी मलबा घर पर आ गिरा।
किश्तवाड़ में बादल फटा, कई घरों और दुकानों को नुकसान
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। कई मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, दो कारें तेज बहाव में बह गईं और सड़कें मलबे से भर गईं।
एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
बद्रीनाथ हाईवे का 20 मीटर हिस्सा धंसा, यमुनोत्री मार्ग भी प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ। चमोली जिले के गौचर के पास कमेड़ा क्षेत्र में बद्रीनाथ हाईवे का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात वन-वे कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई है।
तमिलनाडु: बारिश नहीं, जल संकट से जूझ रहा राज्य
देश के कई राज्यों में जहां भारी बारिश आफत बनी हुई है, वहीं तमिलनाडु में बारिश की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर इलाके में करीब 2,000 मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बारिश के लिए विशेष नमाज 'सलात अल-इस्तिस्का' अदा की। राज्य के कई जिलों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है और जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।
क्यों फटते हैं जम्मू-कश्मीर के पहाड़ों में बादल?
विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की प्रमुख वजह हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं जब पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती हैं तो तेजी से ठंडी होकर घने बादलों का निर्माण करती हैं। कई बार कम समय में अत्यधिक बारिश होने से क्लाउडबर्स्ट (बादल फटना) जैसी घटनाएं हो जाती हैं।
IMD का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में केरल, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों, पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों में जाने से बचें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।