Manoj Bajpayee 56th Birthday: एक्टर बनने की कहानी...
मनोज बाजपेयी के अंदर एक्टिंग का इतना जूनून था कि, 12th के बाद घर वालो से झूठ बोलकर कि उन्हें IAS की तैयारी करने दिल्ली जाना हैं। वो दिल्ली पहुंच गए। फिर कुछ दिन बितने के बाद उन्होंने पिता को खत लिखा और बताया कि वो दिल्ली तैयारी करने नहीं बल्कि एक्टर बनने के लिए गए हैं। पिता ने जबाब में लिखा मुझे पता था कि तुम एक्टर बनने गए हो फिर उनके पिता ने उनके लिए 200 रु भी भेजे थे। हालांकि उनके पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। लेकिन उनके पिता भी अपने जमाने में एक्टर बनना चाहते थे।
प्यार, शादी फिर तलाक....
मनोज जब एक्ट वन थिएटर ग्रुप में काम कर रहे थे तब उनकी मुलाकात दिव्या से हुई। दिव्या उस समय दिल्ली में ग्रेजुएशन कर रही थीं। वो एक्ट वन थिएटर ग्रुप में रिहर्सल करने आती थीं। दिव्या की खूबसूरती के साथ- साथ उनकी आवाज भी बहुत अच्छी थी। पहली ही नजर में मनोज को दिव्या से प्यार हो गया था। फिर बात शादी तक पहुंच गई लेकिन न तो दिव्या के घर वाले खुश थे ना ही एक्टर के घर वाले खुश थे और एक्टर को लड़की के घर से धमकियां भी मिल रही थी। लेकिन फिर भी दोनों ने मंदिर में पुलिस सुरक्षा के बीच शादी कर ली। लेकिन मनोज न तो ज्यादा कमाते थे न उनके पास इतने पैसे थे कि वो दिव्या को अच्छी लाइफ नही दे सके और मुश्किलो को देख दिव्या को लगा उसने गलती कर दी फिर 2 महीने बाद ही दोनो ने तलाक ले लिया।Manoj Bajpayee 56th Birthday: शादी टूटने से सदमे में थे मनोज..
मनोज को NSD में 3 बार रिजेक्ट हुए और पत्नी से तलाक के बाद वो टूट गए थे और वो डिप्रेशन में चले गए। और वो इतने निराश हो गए कि वो सुसाइड करने वाले थे। लेकिन दोस्तो ने उनका बहुत साथ दिया। उनके दोस्तो को पता चल चुका था कि एक्टर को अकेला छोड़ना अभी सही नहीं तो वो उनके साथ रहते थे। एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने बताया था कि जब वो सुसाइड करना चाहते थे तो उनके दोस्तो ने काफी साथ दिया था।NSD में 3 बार हुए रिजेक्ट...
मनोज बाजपेयी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्राम में 3 बार ऑडिशन दिया लेकिन वो रिजेक्ट हो गए, जिसके बाद उन्होंने एक्ट वन थिएटर ग्रुप जॉइन किया। और कुछ समय बाद ही वो काफी फेमस हो गए। उनको नसीरुद्दीन शाह की टक्कर का थिएटर आर्टिस्ट कहा जाता था।
मनोज ने ‘नेटुआ’ नाटक किया उसके बाद लोगों ने उनकी खूब तारीफ की। फिर उन्होंने कुछ नाटक डायरेक्ट भी किए थे, जिसमें अनुभव सिन्हा उनके असिस्टेंट थे।
फिल्म इंडस्ट्री में 1994 में किया डेब्यू...
मनोज बाजपेयी ने पहले नाटकों और टेलीविजन शो में छोटी भूमिकाओं के साथ अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्होंने 1994 में फिल्म 'द्रोह काल' से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने उसी वर्ष बैंडिट क्वीन (1994) में एक डाकू की छोटी भूमिका भी निभाई। बाजपेयी को 1998 में फिल्म सत्या से उनकी एक्टिंग से उन्हें पहचान मिली।तलाक के बाद एक्टर के जीवन में प्यार ने फिर दस्तक दी...
मनोज बाजपेयी और उनकी पत्नी नेहा (शबाना रजा) की मुलाकात 1998 में एक पार्टी में हुई थी। उन्होंने नेहा को देखा और देखते ही पहली नजर में उनसे प्यार हो गया था, नेहा तब डिप्रेशन में थीं और बिना मेकअप के, बालों में तेल और आंखों पर चश्मा लगाए पार्टी में पहुंच गई थीं। इसी सादगी को देख मनोज बाजपेयी उन पर लट्टू हो गए थे।
मनोज और नेहा ने लगभग 8 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद साल 2006 में शादी कर ली। शादी के बाद शबाना रजा अपना नाम बदलकर नेहा रख लिया था। और उनकी एक बेटी है।
एक्टर की फेमस किरदार...
मनोज बाजपेयी काफी फेमस एक्टर हैं, जिन्हें वो अपनी शानदार एक्टिंग और कई यादगार किरदारों के लिए जाने जाते है। कुछ प्रमुख किरदारों में सत्या में भीखू म्हात्रे, द फैमिली मैन में श्रीकांत तिवारी, और गैंग्स ऑफ वासेपुर में फैजल शामिल हैं। भैया जी (2024) में रिलीज हुई यह एक्टर के करियर की 100वीं फिल्म है।