सावन आज से , शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का महत्व और कब है सावन शिवरात्रि जानिए
हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन साल का पांचवां महीना होता है। श्रावण माह में शिव जी की पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। आज से सावन का महीना शुरू हो गया है, जिसका समापन 28 अगस्त को होगा। सावन में भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध, दही और शहद अर्पित करना बहुत ही शुभ होता है। सावन का महीना भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय होता है और इस माह शिव जी की पूजा करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं। सावन का महीना आज से शुरू हो चुका है और इसके साथ ही शिव मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है और इस माह में शिवजी की पूजा करने से सभी भोलेभंडारी सभी तरह का मनोकामनाएं पूरी होती है। सावन के महीने में शिवलिंग का विशेष रूप से अभिषेक और पूजन किया जाता है।
आइए जानते हैं सावन में शिवलिंग के पूजा कैसे करें।
- सावन में शिवजी की पूजा और दर्शन करने के लिए सुबह का समय अच्छा होगा लेकिन किसी कारण से अगर आपके समय का अभाव है तो शाम के समय भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। - शिवजी की पूजा में तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करें। - इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक करें। - पूजा के दौरान लगातार मन में ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। - शिवजी की पूजा बेलपत्र, चंदन, भस्म, धतूरा, शमी पत्र, इत्र, आंकड़े और फूल अर्पित करें। - पूजन सामग्री के दौरान भोग लगाएं और धूप और दीपक जलाएं। - शिवजी का आरती करें और पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगे।
कब है सावन की शिवरात्रि और महत्व
सावन के महीने शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। सावन शिवरात्रि का पर्व कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह 04 बजकर 53 मिनट से होगी और इसका समापन 12 अगस्त को देर रात 01 बजकर 51 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन रात्रि के चारों पहर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
सावन में इन चीजों को करने से करें परहेज
- सावन के पवित्र महीने में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और तले-भुनी चीजों से परहेज करें। - सावन महीने के दौरान बाल, नाखून और दाढ़ी काटने से परहेज करें। - सावन में दूध पीने से बचें बल्कि कच्चे दूध से जलाभिषेक करें। - सावन में वाद-विवाद से बचें और किसी से कड़वी बातें न बोलें।
सावन में क्या करें
-सावन के महीने में हर दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र करें अर्पित। - सावन में भगवान शिव की पूजा के दौरान लगातार ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। - सावन में अपने खान-पान पर संयम रखें और पूरी तरह से सात्विक रहें। - सावन के महीने में जरूरतमंदों को भोजन, अन्न और वस्त्र का दान करें।