आदित्य-फडणवीस की सीक्रेट मुलाकात: क्या सत्ता में लौटेगी ठाकरे सेना?

aditya-thackeray-fadnavis-meeting-sparks-political-twist

आदित्य-फडणवीस की सीक्रेट मुलाकात: क्या सत्ता में लौटेगी ठाकरे सेना?

आदित्य-फडणवीस की सीक्रेट मुलाकात क्या सत्ता में लौटेगी ठाकरे सेना 

महाराष्ट्र में फिर सियासी उलटफेर? गुपचुप मुलाकात से हलचल तेज

Aditya Thackeray-Fadnavis Meeting Sparks Political Twist: मुंबई, महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी समीकरणों में बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। शनिवार शाम मुंबई के सोफिटेल होटल में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह बैठक भले ही “संयोगवश” बताई जा रही हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे माने जा रहे हैं।

Aditya Thackeray-Fadnavis Meeting Sparks Political Twist: एक होटल, एक घंटा और कई सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य ठाकरे और फडणवीस करीब एक ही समय तीन घंटे तक होटल में मौजूद थे, और इस दौरान करीब 1 घंटे तक आपसी बातचीत भी हुई। हालांकि दोनों पक्षों ने मुलाकात से इनकार किया है। CM ऑफिस का कहना है कि मुख्यमंत्री किसी अन्य कार्यक्रम के लिए होटल में मौजूद थे, जबकि आदित्य केवल डिनर के लिए अपने दोस्तों के साथ आए थे।

3 दिन पहले उद्धव-फडणवीस की मुलाकात भी

इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि 17 जुलाई को उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की भी सीधी मुलाकात हो चुकी है। ये मुलाकात विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे के ऑफिस में करीब 20-30 मिनट चली, जिसमें आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को एक किताब भेंट की, जिसका विषय था "तीन-भाषा नीति"।

 सत्ता पक्ष में आने का ऑफर!

इस मुलाकात से ठीक पहले 16 जुलाई को विधान परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने व्यंग्यात्मक लहजे में उद्धव ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने का न्योता दिया था। उन्होंने कहा,
"हम विपक्ष में आपको साथ नहीं ला सकते, लेकिन सत्ता पक्ष में आने का रास्ता खुला है।"
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये सिर्फ मज़ाक नहीं था, बल्कि सीरियस बैकडोर बातचीत का एक हिस्सा हो सकता है।

 2019 में टूटा था गठबंधन, क्या 2025 में फिर साथ?

2019 के विधानसभा चुनाव में BJP और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा और बहुमत भी हासिल किया। लेकिन मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर दोनों के रिश्तों में दरार आ गई। उद्धव ठाकरे ने 50-50 फॉर्मूला की बात कही, जिसे BJP ने नकार दिया। नतीजतन, शिवसेना ने कांग्रेस और NCP के साथ 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) बनाई, और उद्धव खुद मुख्यमंत्री बने। परंतु 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद MVA सरकार गिर गई और BJP ने दोबारा सत्ता हासिल की। Read More:- डेल्टा फ्लाइट के इंजन में भड़की आग, एलए एयरपोर्ट पर कराई गई आपात लैंडिंग Watch Now :- गाजीपुर में मिला तैरता हुआ '#रामशिला' पत्थर! देखें #रहस्यमयी वीडियो

संबंधित सामग्री

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10.54 लाख किसानों को देंगे राहत, खातों में ट्रांसफर करेंगे 1460.25 करोड़

राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10.54 लाख किसानों को देंगे राहत, खातों में ट्रांसफर करेंगे 1460.25 करोड़

 जगदीशपुर से जारी होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि, अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तिथि से पूर्व करवा लें किसान

TMC के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की मंजूरी मिली, अभिषेक बनर्जी का ऑफिस तोड़ा

देश-विदेश

TMC के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की मंजूरी मिली, अभिषेक बनर्जी का ऑफिस तोड़ा

लोकसभा ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को NCPI से जुड़ने के बाद अलग बैठने की अनुमति दी है। उधर, उद्धव गुट के 6 सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो गए।

महाराष्ट्र: आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म, नशीला पदार्थ खिलाने, वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप; 8 के खिलाफ FIR

देश-विदेश

महाराष्ट्र: आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म, नशीला पदार्थ खिलाने, वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप; 8 के खिलाफ FIR

जलगांव में एक आदिवासी महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच जारी है।

हिमाचल में स्वास्थ्य क्षेत्र को नई रफ्तार: शिमला डेंटल कॉलेज का बदलेगा नाम, हमीरपुर में ₹300 करोड़ का डेंटल हेल्थ रिसर्च

राज्य

हिमाचल में स्वास्थ्य क्षेत्र को नई रफ्तार: शिमला डेंटल कॉलेज का बदलेगा नाम, हमीरपुर में ₹300 करोड़ का डेंटल हेल्थ रिसर्च

हिमाचल प्रदेश सरकार ने डेंटल कॉलेज और अत्याधुनिक डेंटल रिसर्च सेंटर की स्थापना के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में नई दिशा दी।

‘29 जुलाई से पहले नया नेता चुन लें हेमंत सोरेन’: पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा का दावा, संभावित राजनीतिक संकट की चेतावनी

राज्य

‘29 जुलाई से पहले नया नेता चुन लें हेमंत सोरेन’: पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा का दावा, संभावित राजनीतिक संकट की चेतावनी

झारखंड पीपुल्स पार्टी के संस्थापक सूर्य सिंह बेसरा ने हेमंत सोरेन के खिलाफ राजनीतिक और संवैधानिक संकट की चेतावनी दी है।