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वाराणसी में डूबे कई घाट, उन्नाव में बाढ़ का खतरा

By : Himani Shrotriya
वाराणसी में डूबे कई घाट, उन्नाव में बाढ़ का खतरा
Floods in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की जोरदार बारिश ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना, शारदा, और सरयू जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 13 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 38 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। अगले छह दिनों तक मौसम का ऐसा ही रुख बना रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़क यातायात बाधित होने, और बिजली आपूर्ति ठप होने की खबरें सामने आ रही हैं।
[caption id="attachment_92165" align="alignnone" width="493"]गंगा, यमुना, शारदा, और सरयू जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा, यमुना, शारदा, और सरयू जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।[/caption]

वाराणसी में गंगा की उफनती लहरें

बनारस में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 50 घंटों में 2.96 मीटर बढ़ गया है, जिससे घाटों की सीढ़ियां एक के बाद एक जलमग्न हो रही हैं। मणिकर्णिका घाट तक पानी पहुंच गया है, और गंगा द्वार घाट से इसका संपर्क टूट गया है। घाट किनारे बने 20 छोटे मंदिर पूरी तरह डूब चुके हैं। स्थिति ऐसी ही रही तो जल्द ही घाटों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो सकता है। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि घाट वाराणसी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रमुख हिस्सा हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की अपील की है। [caption id="attachment_92162" align="alignnone" width="457"]वाराणसी घाट किनारे बने 20 छोटे मंदिर पूरी तरह डूबें वाराणसी घाट किनारे बने 20 छोटे मंदिर पूरी तरह डूबें[/caption]

Floods in Uttar Pradesh: उन्नाव में बाढ़ का खतरा

उन्नाव में भारी बारिश के कारण परिसर चौकी में पानी घुस गया, जिससे सिपाहियों को बाल्टियों से पानी निकालना पड़ा। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की कमी को दर्शाती है। वहीं, बाराबंकी में सरयू नदी कटान कर रही है, जिससे तटवर्ती गांवों को खतरा बढ़ गया है। नदी के कटाव को रोकने के लिए बोल्डर डाले जा रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। बदायूं में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, और लखीमपुर में शारदा नदी भी खतरे के निशान पर है। इन क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। [caption id="attachment_92163" align="alignnone" width="459"]उन्नाव में बाढ़ का खतरा उन्नाव में बाढ़ का खतरा[/caption]

मौसम विभाग की चेतावनी 

मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखीमपुर खीरी में 212 मिमी और बाराबंकी में 165 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कासगंज, वाराणसी, और प्रयागराज में नदियों का जलस्तर बढ़ने से संपर्क मार्ग कट गए हैं। बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, और बदायूं में जलभराव और बाढ़ की स्थिति ने यातायात और बिजली आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बुंदेलखंड में भी भारी बारिश होगी, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। Read More: जुलाई में बारिश का ‘बूस्ट’! देश के 23 राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान

Floods in Uttar Pradesh: जनता की परेशानी

लगातार बारिश और बाढ़ के कारण प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। नदियों के उफान और जलभराव से कई क्षेत्रों में सड़कें और रेलवे ट्रैक प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। मसूरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी स्थायी उपजिलाधिकारी की कमी से प्रशासनिक कार्य ठप हैं, जो आपदा प्रबंधन में बड़ी बाधा है। जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द राहत और बचाव कार्यों को तेज करेगी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

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