Kaushambi rape Case: 65 साल की बुजुर्ग महिला की रेप के बाद हत्या, आरोपी गिरफ्तार

kaushambi-rape-case

Kaushambi rape Case: 65 साल की बुजुर्ग महिला की रेप के बाद हत्या, आरोपी गिरफ्तार

kaushambi rape case 65 साल की बुजुर्ग महिला की रेप के बाद हत्या आरोपी गिरफ्तार

Kaushambi rape Case: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक ऐसी घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सरायअकिल थाना क्षेत्र के बरई गांव में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला सवारी देवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह थी एक युवक की हवस, जिसने अवैध संबंध बनाने की जिद में महिला का गला घोंट दिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले का खुलासा किया है।

25 मई को हुआ हत्याकांड

घटना 25 मई की है, जब सवारी देवी का शव उनके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस क्रूर हत्याकांड की सच्चाई को उजागर किया। रिपोर्ट के अनुसार, महिला के साथ रेप के बाद गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और गांव के ही एक युवक, दिनेश कुमार सिंह, पर शक गहराया। दिनेश नियमित रूप से सवारी देवी को दूध और राशन पहुंचाने का काम करता था, जिसके कारण वह उनके घर आया-जाया करता था। Read More: Hapur Bus Stand Clash: धौलाना बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में जमकर मारपीट, 6 घायल

Kaushambi rape Case: अवैध संबंध बनाने की जिद

पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि रविवार की रात दिनेश ने सवारी देवी को फोन किया और उनके घर पहुंचा। वहां उसने महिला से अवैध संबंध बनाने की जिद की। जब सवारी देवी ने इसका विरोध किया और इनकार किया, तो गुस्से में आकर दिनेश ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह महिला का मोबाइल लेकर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल की बरामदगी के आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने बताया कि दिनेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

अकेले रह रही थी महिला

जांच में यह भी सामने आया कि सवारी देवी का पति शादी के छह साल बाद उन्हें छोड़कर चला गया था, जिसके बाद वह अकेली रह रही थीं। उनकी इस असहाय स्थिति का फायदा उठाकर दिनेश ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने न केवल बरई गांव, बल्कि पूरे कौशांबी जिले में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना समाज में रिश्तों की विश्वास की डोर को तोड़ने वाली एक दुखद मिसाल बन गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की गहन जांच जारी रखने का आश्वासन दिया है। इस वारदात ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आयमन अहमद की रिपोर्ट

संबंधित सामग्री

गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; एक आरोपी को 7 साल की सजा

जुर्म गाथा

गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; एक आरोपी को 7 साल की सजा

मध्य प्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार मलिक की हत्या मामले में राजस्थान की अदालत ने 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

धर्मशाला से CM सुक्खू का चुनावी शंखनाद, ‘युवा कार्ड’ के साथ कांग्रेस की रणनीति तेज

हिमाचल प्रदेश

धर्मशाला से CM सुक्खू का चुनावी शंखनाद, ‘युवा कार्ड’ के साथ कांग्रेस की रणनीति तेज

हिमाचल प्रदेश के सीएम सुक्खू ने चुनावी रणनीति की घोषणा की और कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने पर जोर दिया। कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की।

बंगाल प्रचार से लौटते ही एक्शन में झारखण्ड सीएम सोरेन, शिक्षा-स्वास्थ्य और ट्रैफिक सुधार पर कीं मैराथन बैठकें

झारखंड

बंगाल प्रचार से लौटते ही एक्शन में झारखण्ड सीएम सोरेन, शिक्षा-स्वास्थ्य और ट्रैफिक सुधार पर कीं मैराथन बैठकें

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला कल्याण पर जोर दिया।

बहादुरगढ़ में शाही अंदाज़ में MLA के बेटे की सगाई, 1.5 लाख मेहमानों को न्योता; हरियाणा CM सैनी भी पहुंचे

हरियाणा

बहादुरगढ़ में शाही अंदाज़ में MLA के बेटे की सगाई, 1.5 लाख मेहमानों को न्योता; हरियाणा CM सैनी भी पहुंचे

हरियाणा में निर्दलीय विधायक राजेश जून के बेटे सचिन जून की सगाई धूमधाम से संपन्न हुई, जिसमें कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।

गुजरात चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत, नगर निगमों में दर्ज की जीत

देश-विदेश

गुजरात चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत, नगर निगमों में दर्ज की जीत

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की, सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज की। कांग्रेस और अन्य पार्टियां पीछे रहीं।