India Pakistan border military exercise tanks fighter jets : जैसलमेर जिले में पाकिस्तान सीमा के समीप ‘मरू ज्वाला’ नामक युद्धाभ्यास आयोजित किया गया, जहां भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में टैंक और फाइटर जेट्स ने साथ में गरजते हुए दुश्मन ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया।
युद्धाभ्यास का उद्देश्य और रणनीति
यह युद्धाभ्यास तीनों सेनाओं के तालमेल, आधुनिक हथियारों व तकनीकों के प्रयोग, और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए किया गया। इस अभ्यास का लक्षय आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित स्वदेशी हथियारों का परिचय देना और सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
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भारतीय सेना की ताकत का प्रदर्शन
टैंक टी-90 भीष्म और फाइटर जेट्स राफेल, सुखोई-30 एमकेआई ने अभ्यास के दौरान दुश्मन ठिकानों पर सटीक हमले किए। अपाचे हेलीकॉप्टर और ड्रोन तकनीक ने हवाई समर्थन प्रदान किया। यह अभ्यास भारतीय सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए रणनीतिक तैयारी की डगर पर एक महत्वपूर्ण कदम है।
युद्ध में हथियार ड्रोन से पहुंचाए
युद्धाभ्यास मरू ज्वाला में पाक बॉर्डर के पास भारतीय सेना ने दुश्मन पर आसमान और जमीन दोनों तरफ से हमला किया। सेना के हेलीकाप्टर ने टी-90 टैंक को कवर फायर देते हुए आगे बढ़ने में मदद की, वहीं थल सेना के जांबाज सिपाहियों को मॉडर्न ड्रोन ने हथियारों की आपूर्ति की। इस दौरान युद्ध के मैदान में घायल हुए सैनिकों को रोबोटिक म्यूल डॉग रेगिस्तान में तेज गति से चलते हुए फर्स्ट एड मुहैया करवाई।
ले. जनरल सेठ ने कहा- यह अभ्यास भारतीय सेना के JAI मंत्र Jointness (संयुक्तता), Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Innovation (नवाचार) का सजीव उदाहरण है। सेना केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि वह तकनीक और नवाचार में आत्मनिर्भर भारत का नेतृत्व कर रही है।
‘मरू ज्वाला’ युद्धाभ्यास में भारत के सशस्त्र बलों ने सामरिक दक्षता, आधुनिक हथियारों और साझा रणनीति का प्रदर्शन किया। यह अभ्यास न केवल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करता है बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा के लिए सतर्कता और तैयारियों को भी बढ़ाता है।
