UKSSSC पेपर लीक: छात्रों में आक्रोश, पेपर वापस कराने की मांग

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UKSSSC पेपर लीक: छात्रों में आक्रोश, पेपर वापस कराने की मांग

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UKSSSC paper leak 2025: 21–22 सितंबर 2025 को आयोजित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े पैमाने के पेपर लीक का आरोप सामने आया। परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई और आधे घंटे के भीतर यानी लगभग 11:30–11:35 बजे कुछ प्रश्न-पृष्ठ सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने की रिपोर्ट्स आईं — जिससे पूरे आयोजन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद पुलिस और विशेष जांच दल (STF) सक्रिय हो गए और कई जगहों पर पूछताछ व गिरफ्तारियाँ हुईं। [caption id="attachment_106572" align="alignnone" width="659"]UKSSSC पेपर लीक UKSSSC पेपर लीक[/caption]

पेपर किस तरह वायरल हुआ

परीक्षा सुबह 11:00 बजे शुरू हुई। करीब 11:30–11:35 बजे कुछ उम्मीदवारों/स्रोतों द्वारा प्रश्न-पृष्ठ की तस्वीरें और स्कोरशीट सोशल मीडिया पर शेयर की गईं; इससे यह आरोप उठा कि परीक्षा के दौरान ही पेपर बाहर आ गया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि लीक कोई एक-या दो पन्नों का नहीं बल्कि कई प्रश्नों से मेल 

UKSSSC paper leak 2025: कई लोग गिरफ्तार

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कुछ नाम चिन्हित किए। रिपोर्ट्स के अनुसार हकम सिंह (या Hakam/Hakam Singh) और उसके सहायक पंकज गौर को इस मामले में हिरासत में लिया गया या पूछताछ के लिए बुलाया गया — आरोप है कि वे उम्मीदवारों से 12–15 लाख रुपये तक लेकर सफलता का वादा कर रहे थे। कुछ स्थानीय और ऑनलाइन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि हकम सिंह पहले भी इसी तरह के मामले में संलिप्त पाए जा चुके थे। आयोग और पुलिस ने विस्तृत जांच की मांग व प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आयोग और प्रशासन ने क्या कहा?

UKSSSC ने प्रारम्भिक तौर पर कहा कि कुछ पृष्ठों के वायरल होने की जांच कराई जा रही है और गम्भीरता से रिपोर्टों का संकलन कर, पुलिस से विस्तृत जांच माँगी गई है। आयोग ने बड़े पैमाने पर लीक होने के दावे से इंकार करते हुए बताया कि जांच के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा — जैसे परीक्षा निरस्त करना या रिज़ल्ट रोकना। वहीं राज्य प्रशासन ने भी स्थिति पर कड़ा रुख अपनाने की बातें कही और STF/पुलिस को मामले की तह तक जाने के निर्देश दिए गए।

UKSSSC paper leak 2025: सड़क पर आक्रोश

घटना के बाद विपक्ष और छात्र-युवाओं में आक्रोश फैल गया। युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता समेत अन्य समूहों ने कई शहरों में प्रदर्शन किए। मसलन, मसूरी के शहीद भगत सिंह चौक पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन किया — प्रदर्शनकारी सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि परीक्षा रद्द की जाए, आयोग के अध्यक्ष से इस्तीफा लिया जाए तथा सरकार की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो। युवा कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जगपाल गुसाईं जैसे नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कड़े आरोप लगाए और सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी। [caption id="attachment_106573" align="alignnone" width="660"]NSUI के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन NSUI के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन[/caption]

'सरकारी सायंस' या सिर्फ बदइंतज़ामी?

प्रारंभिक आरोपों में यह दावा गंभीर है: कुछ सूत्र कहते हैं कि यह मामूली लापरवाही नहीं, बल्कि किसी 'चोरी/वितरण चक्र' (cheating mafia) का काम हो सकता है — जहां पेपरों को केंद्र से बाहर भेज कर, फिर उच्च रकम पर बेचा जाता है। विपक्ष ने सीधे तौर पर सरकार की लापरवाही या मिलीभगत तक के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर प्रशासन और आयोग ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी; कुछ अधिकारियों ने कहा कि वायरल हुई फाइलें मेमोरी-आधारित पोस्ट भी हो सकती हैं, इसलिए तकनीकी तौर पर मिलान और जांच जरूरी है।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह सख्त

UKSSSC paper leak 2025: हरिद्वार पहुंचे सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने UKSSSC पेपर लीक प्रकरण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। सांसद ने बताया कि जैसे ही खबर सामने आई, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई से पूछताछ जारी है। सांसद ने साफ कहा कि उत्तराखंड में पहले से ही नकल विरोधी कानून लागू है, इसके बावजूद अगर कोई पेपर लीक करने की हिम्मत करता है तो उसे किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि इस पूरे प्रकरण के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसकी तह तक पुलिस जांच कर रही है। सांसद ने भरोसा दिलाया कि मामले का पूरा सच सामने आएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।  

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