रायपुर में मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान दिवसराजधानी रायपुर के महादेवघाट स्थित प्राचीन हटकेश्वर नाथ मंदिर में आज सोमनाथ स्वाभिमान दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होने महादेवघाट पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और पूजा-अर्चना की।यह आयोजन गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार पूर्ण होने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महादेवघाट में बैठकर सोमनाथ मंदिर से हो रहे भव्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही के दिन 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ था।
कई बार विदेशी आक्रमण
उन्होंने इतिहास का स्मरण करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार विदेशी आक्रमण हुए, लेकिन मंदिर की आस्था कभी डगमगाई नहीं। महमूद गजनवी के आक्रमण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय मंदिर के पुजारियों ने अपनी जान की आहुति दे दी, पर मंदिर की रक्षा की। सीएम साय ने कहा कि देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। यह मंदिर मात्र धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान का प्रतीक है।
खुशहाली की कामना कर रहे
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सलाह के बावजूद वे वहां पहुंचे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा कर देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
रामलला भव्य मंदिर में विराजमान
आज सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा और गौरव मिल रहा है। लोग गर्व से स्वयं को सनातनी कह रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ को प्रभु श्रीराम का ननिहाल बताते हुए कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। प्रदेश में शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं।सीएम विष्णु देव साय ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे एकजुट होकर सनातन संस्कृति को और मजबूत बनाएं।