पंजाब की सियासत शनिवार को एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए राज्य में भय का माहौल बनाकर राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश की जा रही है। मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसी रणनीतियां सफल नहीं होने दी जाएंगी।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
बीजेपी का चुनावी चिन्ह
मुख्यमंत्री मान ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई, आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल भाजपा राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह अब पंजाब भी भाजपा के निशाने पर है। मान ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले उद्योगपति अशोक मित्तल के प्रतिष्ठानों पर ईडी की छापेमारी हुई थी, जिसके बाद उनके भाजपा में शामिल होते ही कार्रवाई थम गई। इसी तरह कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ तीसरी बार ईडी की रेड होने का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया।
मोदी-शाह पर सीधा निशाना साधा
मुख्यमंत्री मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अन्य राज्यों में इस तरह की राजनीति कर सकती है, लेकिन पंजाब में यह मंसूबे सफल नहीं होंगे।
मान ने कहा कि उनकी ‘शुक्राना यात्रा’ को विफल करने के लिए ही राज्य में धमाकों और छापेमारी की घटनाएं करवाई जा रही हैं।
सीएम मान की शुकराना यात्रा का एक दृश्य
भाजपा पर ‘अराजकता फैलाने’ का आरोप
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले राज्यों में अस्थिरता पैदा करती है और फिर वोट मांगती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि अब यही रणनीति पंजाब में अपनाई जा रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अब “भारत जलाओ पार्टी” बन चुकी है और प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर भी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब भाजपा देशभक्ति के प्रमाणपत्र बांटेगी।
बेअदबी कानून पर अडिग रुख
‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026’ पर बोलते हुए मान ने साफ किया कि यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गवर्नर की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो चुका है और विश्वभर की सिख संगत इसका समर्थन कर रही है।
गुरु ग्रन्थ साहिब
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा दिए गए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए मान ने कहा कि कितनी भी बैठकों के बावजूद यह कानून वापस नहीं होगा।